बाबा साहेब के योगदान को बताना सूरज को दिया दिखाने जैसा है- डॉ राजेश मिश्रा।
सिंगरौली || जिला ब्यूरो चीफ रोहित शाह
बाबा साहेब के सम्मान अभियान में बोले सांसद।

भारतीय जनता पार्टी सिंगरौली द्वारा आयोजित बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर सम्मान अभियान बरगवां के बरैनिया सामुदायिक भवन में सम्पन्न हुआ। भारतीय जनता पार्टी बाबा साहेब के जयंती सप्ताह को 14 अप्रैल से 28 अप्रैल तक मना रही है। इसी क्रम में यह कार्यक्रम देवसर विधानसभा के बरैनिया में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में लोकसभा सांसद डॉ राजेश मिश्रा, विषय वक्ता के रूप मे पधारे पूर्व जिलाध्यक्ष सीधी इंद्रशरण सिंह उपस्थित रहे तथा सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक सिंगरौली राम निवास शाह, पूर्व विधायक राम लल्लू वैश्य, निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय, नगर परिषद अध्यक्ष प्रमिला वर्मा, अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष मोतीलाल प्रजापति मंचासीन रहे।
जिला मीडिया प्रभारी नीरज सिंह परिहार ने बताया कि कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ पितृ पुरुषों एवं बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। अपने स्वागत उद्बोधन में जिलाध्यक्ष ने समस्त अतिथियों यथा आगंतुकों का अभिनंदन किया तथा तय विषय की भूमिका को रखा । जिलाध्यक्ष ने कहा कि बाबा साहेब की जन्म जयंती 14 अप्रैल से लगातार हम सब उनके सम्मान मे कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं तथा ये अनुसूचित जाति प्रबुद्ध जन सम्मेलन के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान पर चर्चा कर उनको सम्मान देने का काम कर रहे हैं।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि एवं सांसद डॉ राजेश मिश्रा ने कहा कि आज बड़े सौभाग्य का विषय है कि मुझे बाबा साहेब के बारे मे बोलने का अवसर प्राप्त हुआ है। आज मैं जिस संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं उसकी रुपरेखा भी बाबा साहेब के सौजन्य से ही तय हुई थी। संविधान निर्मात्री समिति के अध्यक्ष होने के नाते बाबा साहेब को ही संसद के स्वरूप का रचनाकार माना जाता है। बाबा साहेब के योगदान के बारे मे बताना सूरज को दिया दिखाने की तरह है, उनके व्यक्तित्व और योगदान के बारे मे बोलते हुए पूरा दिन खत्म हो जाएगा लेकिन उनके योगदानों का पूर्ण रूपेण वर्णन नहीं किया जा सकता है। सांसद जी ने बताया कि बाबा साहेब का सम्पूर्ण जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन दिनों गरीबी और समाजिक छुआछूत की बीमारी ने भारतीय समाज को पंगु बना रखा था। बाबा साहेब ने अपनी शिक्षा विकट विपरीत परिस्थितियों में प्राप्त की और अपनी प्रतिभा से सबको चकित किया। सामाजिक छुआछूत को समाप्त करने के लिए भारतीय समाज में उनसे बड़ा महापुरुष कोई नहीं हुआ। सांसद जी ने कहा कि आज विभिन्न राजनीतिक दल एवं संस्थाएं अपने निजी लाभ के लिए बाबा साहेब के बारे में गलत तथ्य प्रस्तुत करते हैं, बाबा साहेब हर तरह से सामाजिक समरसता के पक्षधर थे। वो सदा ही समाज के शोषितों और वंचितों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे और हमारी अंत्योदय की अवधारणा भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए है। उनके सिद्धांतों के अनुरूप तो भारतीय जनता पार्टी कार्य कर रही है और कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दल तो उनके नाम पर पाखंड फेला रहे हैं और देश को गुमराह कर रहे हैं। सांसद जी ने कहा कि इस कांग्रेस ने तो सदा ही बाबा साहेब का अपमान किया है, सन 1952 और 1957 के चुनावों मे बाबासाहेब को कांग्रेस ने लोकसभा में क्यों नहीं पहुंचने दिया इसका जवाब आप सभी किसी कांग्रेसी से पूंछ कर देखिए! नेहरू जी ने स्वयं वामपंथियों से मिलकर बाबा साहेब को चुनाव हरवाया और उनके 74333 मतों को निरस्त कर उन्हें लोकसभा नहीं पहुंचने दिया। उनको कोई राष्ट्रीय सम्मान नहीं दिया, संसद भवन मे उनकी प्रतिमा नहीं लगने दी यहां तक कि उनके निर्वांण के पश्चात उनके शव को ले जाने के लिए शासकीय विमान तक उपलब्ध नहीं कराया। दिल्ली मे गांधी नेहरू परिवार से जुड़े समस्त नेताओं के बड़े बड़े स्मारक बने हैं किंतु कांग्रेस ने बाबा साहेब के लिए दिल्ली मे 2 गज जमीन तक उपलब्ध नहीं कराई और हमारी सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया, हमारे समर्थन से बनी सरकार ने बाबा साहेब को भारत रत्न दिया, संसद भवन के गलियारे मे बाबासाहेब की तस्वीर स्थापित करवाई और संविधान रचयिता को संविधान के मंदिर मे स्थान दिया।
सभा को संबोधित करते हुए विषय वक्ता के रूप में पधारे पूर्व जिलाध्यक्ष सीधी इंद्र शरण सिंह ने कहा कि बाबा साहेब के संविधान मे जो अनुसूचित जाति और जनजातियों को मुख्य धारा में लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी उस पर कांग्रेस सरकारों ने प्रश्नचिन्ह खड़ा किये, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि आरक्षण मूर्खों को स्थापित करने वाली प्रक्रिया है इसे समाप्त कर देना चाहिए यहां तक कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण औल आयोग के गठन मे कांग्रेस ने हमेशा बाधा उत्पन्न की। कांग्रेस ने अपने शासनकाल मे 75 से अधिक संविधान संशोधन अपने निजी एजेंडों को साधने के लिए किये तथा भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राष्ट्रीय हितों के लिए संविधान में संशोधन किए। अपने निजी हितों को साधने के लिए कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया और देश मे इमरजेंसी थोपी। स्वतंत्र भारत में यदि संविधान का सबसे बड़ा अपमान किया है तो वो कांग्रेस ने किया है।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री लालपति साकेत ने किया तथा आभार प्रकट कार्यक्रम प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष आशा यादव ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महामंत्री राजकुमार दुबे, जिला महामंत्री ध्रुव सिंह, प्रवेंद्र धर द्विवेदी, अरविंद तिवारी, पूनम गुप्ता, मंडल अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता, कमलेश शाह, संदीप झा, सौरभ गुप्ता, मनोज शाह, मोर्चा जिलाध्यक्ष दिलशरण सिंह, सीमा जायसवाल, कमलेश वैश्य तथा समस्त कार्यकर्ताओं सहित समाज के अनुसूचित वर्ग से आये सैकड़ों कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।