नेहरू युवा केंद्र और जिला परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान कार्यक्रम का किया गया आयोजन
नवीन कुमार संवाददाता पटना बिहार
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से नेहरू युवा केंद्र और जिला परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक बड़े स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत उम्ब्रेला मार्च (छाता रैली) निकाली गई, जिसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन का संदेश दिया।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और यातायात नियमों के महत्व को समझाना था। देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि नागरिक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। इस अभियान ने विशेष रूप से युवाओं को इस मिशन में शामिल कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
उम्ब्रेला मार्च का आयोजन:
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत उम्ब्रेला मार्च से की गई। इस अनूठे मार्च में प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगे छाते लेकर नारे लगाए, जिनमें “सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन” और “यातायात नियमों का पालन करें” जैसे संदेश शामिल थे। मार्च ने स्थानीय नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें जागरूक होने के लिए प्रेरित किया।
जिला परिवहन अधिकारी राहुल कुमार ने लोगों तो सम्बोधित करते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। युवाओं की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण है इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। युवाओं को इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्रबिंदु बनाया गया क्योंकि वे समाज में परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जागरूकता का संदेश दिया। मेदांत हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डां पवन कुमार ने CPR के बारे में लोगों को पुरी जानकारी देते हुए कहा किCPR (Cardiopulmonary Resuscitation) केवल तभी दिया जाता है जब किसी व्यक्ति की श्वास या हृदय गति रुक जाए। यह आमतौर पर निम्नलिखित स्थितियों में दिया जा सकता है।यदि व्यक्ति अचानक गिर जाए और बेहोश हो जाए, सांस न ले रहा हो या बहुत कम सांस ले रहा हो।
यदि स्ट्रोक के कारण व्यक्ति की हृदय गति रुक जाए। CPR केवल उन व्यक्तियों को दिया जाना चाहिए जो सांस नहीं ले रहे हों या जिनकी हृदय गति बंद हो गई हो।
अगर व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो CPR की आवश्यकता नहीं होती।
CPR देते समय सुनिश्चित करें कि आपने पहले आपातकालीन मदद (जैसे, 112 नंबर पर कॉल) बुला ली हो। जहानाबाद के सदर अस्पताल के सिवल सर्जन लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि
सड़क सुरक्षा एक ऐसा विषय है जो हम सभी के जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है और इसका मुख्य कारण लापरवाही, यातायात नियमों की अनदेखी और सतर्कता की कमी है। हमारे स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है न केवल लोगों को इलाज प्रदान करना, बल्कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना।
मैं सभी से आग्रह करता हूं कि ट्रैफिक नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और सड़क पर सतर्कता बनाए रखें।
साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है।
MVI ब्रज भूषण कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल हजारों लोगों की जान जाती है। भारत में सड़क सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है, जहां लापरवाही, यातायात नियमों का उल्लंघन और जागरूकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं।नेहरू युवा केंद्र और जिला परिवहन विभाग का यह संयुक्त प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि समय की आवश्यकता भी है। इस प्रकार के अभियान न केवल लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाने में मदद करते हैं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देते हैं। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा “यह कार्यक्रम हमें अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराता है। सड़क पर सुरक्षित रहना हर नागरिक का कर्तव्य है, और इस अभियान ने इसे प्रभावी ढंग से समझाया है।”
अपर जिला परिवहन पदाधिकारी करिश्मा सिंह ने बताया कि इस अभियान की सफलता के इसे और विस्तारित करने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में सड़क सुरक्षा से संबंधित अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों को लक्षित किया जाएगा।
नेहरू युवा केंद्र के APS ने बताया कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान जैसे प्रयास समाज में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नेहरू युवा केंद्र और जिला परिवहन विभाग का यह आयोजन सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। यह कार्यक्रम न केवल लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करता है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
सड़क सुरक्षा एक ऐसा मुद्दा है, जिसमें सरकार, प्रशासन और आम जनता को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। इस प्रकार के अभियानों के माध्यम से हम एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।