टांगी के प्रहार से तहसीलदार की मौत,बेहाल हुआ सदमे से परिवार

सीधी: एक तो सरकारी कर्मचारी, दूसरे तहसीलदार जो कार्यपालिक मजिस्ट्रेट। इस पद तक पहुंचने के लिए व्यक्ति जीवन की कठिन तपस्या से गुजरता हुआ सब कुछ खपा देता है। और उसे उपहार में मिलती है तो मौत…? इतनी बड़ी सजा…? यह तो मध्य प्रदेश की सरकार के गाल पर एक जोरदार और करारा तमाचा भी है। तहसीलदार लवलेश मिश्रा पिता त्रिपुरारदत्य मिश्रा निवासी ग्राम पहाड़ी, जिला सीधी मध्य प्रदेश जो जिले के कुसमी तहसील में पदस्थ थे।जिनके ऊपर ड्यूटी के दौरान ही देवीदीन जायसवाल नामक व्यक्ति द्वारा 1 सितंबर 2020 को टांगी से सिर पर कई बार प्राण घातक हमला किया गया था। पिछले 4 वर्षों से देश के विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा था। आखिरकार जिंदगी और मौत की लड़ाई में तहसीलदार पराजित हो गए और इलाज के दौरान ही उनकी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मौत हो गई।
दुश्मन द्वारा किए गए इस जानलेवा हमले में निश्चित ही और भी कई आंखें और कई हाथों के शामिल होने की भरपूर संभावनाएं हैं। क्योंकि इतने बड़े अधिकारी पर प्राण घातक हमला करने का एक अकेला आदमी साहस नहीं जुटा सकता। पुलिस, पत्रकारों और कर्मचारियों पर हमला करना कितना सहज हो गया है। ज्वलंत सवाल है।हमारे संवाददाता से बात करते हुए तहसीलदार की पत्नी एवं भाई द्वारा अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई गई है। अब देखने वाली बड़ी बातें यही होंगी कि क्या वाकई मध्य प्रदेश में कानून का राज बचा है? क्या भारतीय जनता पार्टी की मोहन यादव सरकार टूट कर बिखरे तहसीलदार के परिवार को इंसाफ दिला पाएगी। प्रस्तुत है हमारे संवाददाता शाहिद खान की पूरी रिपोर्ट।