सफलता की प्रथम सीढ़ी श्रद्धा और अंतिम सीढ़ी विश्वास – डाॅ मुन्नालाल देवदास
सफलता की प्रथम सीढ़ी श्रद्धा और अंतिम सीढ़ी विश्वास – डाॅ मुन्नालाल देवदास
अभिनंदन मानस मयंक और नगर पंचायत उतई दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगीतमय मानस संगोष्ठी और सम्मान समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। जिसमें विशिष्ट अतिथि की आसंदी से मम राजीव लोचन जिला मानस संघ गरियाबंद के संस्थापक व राष्ट्रपति पुरस्कृत डाॅ मुन्ना लाल देवदास ने कहा कि
संसार में हर व्यक्ति सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहता है। सफलता की इस सीढ़ी को तुलसीदास जी ने श्रद्धा और विश्वास का नाम दिया है। उन्होंने श्रीराम चरित मानस के प्रारंभ में ही इसका बहुत सुंदर उल्लेख करते हुए लिखा –
भवानी शंकरौ वंदे श्रद्धा विश्वास रुपिणौ। याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तः स्थमीश्वरम।।
इसका भाव सौंदर्य यह है कि संसार के सिद्ध महापुरुष भी श्रद्धा और विश्वास के अभाव में अपने अंतःकरण में स्थित ईश्वर के दर्शन नहीं कर पाते हैं। इसलिए साधना या सफलता की प्रथम सीढ़ी श्रद्धा को और अंतिम सीढ़ी विश्वास को माना गया है।
डाॅ देवदास ने आगे कहा कि जिस दिन व्यक्ति को अपने आप के प्रति और अपने काम के प्रति सच्ची श्रद्धा और पूर्ण विश्वास होगा वह सफलता की सीढ़ी चढ़ना सीख जाएगा। क्योंकि संसार का हर रिश्ता नाता और व्यवहार श्रद्धा और विश्वास पर ही टिका है। यही श्रीराम चरित मानस का सार है।
इसी प्रकार मानस के विविध प्रसंगों और सनातन धर्म पर छत्तीसगढ़ के मानस मर्मज्ञ नीलकंठ ठाकुर, पीलाराम शर्मा, चैतराम साहू, रामराजेश साहू, पुरुषोत्तम राजपूत आदि ने ओजस्वी और प्रेरणादायी उदबोधन दिए ।
इस संगीतमय मानस गान संगोष्ठी के प्रमुख अतिथि वक्ता मानस दर्शन जीवन अर्पण संस्थापक दीपक गुहा, राज मानस संघ धमतरी के अध्यक्ष अर्जुनपुरी गोस्वामी, श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान प्रांताध्यक्ष जगदीश देशमुख, पूर्व अध्यक्ष गोपाल राम वर्मा, बस्तर टाईगर गुप्तेश्वर बघेल, रायपुर जिलाध्यक्ष नारायण लाल साहू, बेमेतरा जिलाध्यक्ष देवलाल सिन्हा, दुर्ग जिलाध्यक्ष मेहत्तर वर्मा ,बालोद जिलाध्यक्ष लिलार सिन्हा, टीकाराम साहू पाटन, धनुष यादव, नूतन दीदी, और मानसिंग ठाकुर बलौदाबाजार आदि । इस मंच से सभी आमंत्रित अतिथियों को श्रीफल अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही नगर पंचायत अध्यक्ष डिगेन्द्र हिरवानी, उपाध्यक्ष रवीन्द्र वर्मा, पार्षद गण डाॅ प्रहलाद वर्मा, भीमसेन सिन्हा, दीपमाला देशलहरे, सतीश चन्द्राकर, ताराचंद साहू, वरिष्ठ पत्रकार सतीश पारख, प्राचार्य के आर सिन्हा एवं समस्त नगरवासियों की।
इस अभिनंदन मानस मयंक के सूत्रधार है व्याख्याता कुंभकरण सिन्हा ,संतोष विनीता धीवर, राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक कामता प्रसाद सिन्हा एवं मानस दर्शन जीवन अर्पण ग्रुप दुर्ग । कार्यक्रम का संचालन त्रेता चंद्राकर एवं हितेन्द्र साहू ने किया।