झगड़े के विवाद में बीच-बचाव करने वाले व्‍यक्ति की पत्‍थर मारकर हत्‍या करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास

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इंदौर :- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 24.09.2024 को माननीय न्यायालय विशेष न्‍यायाधीश (अंतर्गत अ.ज.जा. (अत्‍याचार निवारण) अधिनियम, 1989) श्री डी.पी.मिश्रा, इंदौर ने थाना अन्‍नपूर्णा के एस.सी.ए.टी.आर. क्रमांक 31/2021 में निर्णय पारित करते हुए आरोपीगण 1. गोतम, उम्र 23 वर्ष, 2. अजय, उम्र 23 वर्ष, दोनों- निवासीगण इंदौर को धारा 302, में आजीवन कारावास एवं 5000-5000/- रुपये व धारा 323 भा.दं.वि. में 1-1 हजार रुपये कुल 12,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी श्री विशाल श्रीवास्‍तव, विशेष लोक अभियोजक एवं श्री महेन्‍द्र कुमार चतुर्वेदी, विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।
घटना का संक्षिप्‍त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 12.12.2020 को रात्रि के 10:30 बजे मृतक की पत्नी सुनीता बिन्दोरिया अपने भाई जितेन्द्र के साथ अपने घर महावर नगर में बैठी थी, तभी किसी ने बाहर से आकर बताया कि प्रहलाद बिन्दोरिया को किसी ने मारा है, रोड पर पड़ा है, तब सुनीता बिन्दोरिया अपने भाई जितेन्द्र के साथ मोटरसाइकिल से साँची पॉइन्ट अशोक सहगल की पान की दुकान के पास पहुंची, जहां उसका पति खून से लथपथ पड़ा हुआ था. चेहरा कुचला हुआ था, तब सुनीता ने आसपास के लोगों की मदद से सुनीता तथा उसका भाई जितेन्द्र, प्रहलाद को यूनिक अस्पताल ले गये, वहां चिकित्सक ने प्रहलाद की मृत्यु हो जाना बताया। फिर सुनीता बिन्दोरिया ने लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपीगण गौतम इकलोदिया व अजय हटकर मिलकर हरिनारायण मुंगेलवाल से विवाद कर रहे थे। मृतक प्रहलाद बिन्दोरिया ने बीच-बचाव किया तो दोनों आरोपीगण ने प्रहलाद बिन्दोरिया को जमीन पर पटककर हत्या करने की नियत से उसके चेहरे पर पत्थर पटककर हत्या कर दी थी। घटना अशोक सहगल, हरिनारायण मुगेलवाल व पवन सहगल ने देखी थी। अस्‍पताल से सूचना प्राप्‍त होने पर तत्कालीन निरीक्षक सतीश द्विवेदी ने सान्हा क्रमांक 39 पर सूचना दर्ज कर फोर्स के साथ यूनिक अस्पताल पहुंचे तथा सुनीता के बताये अनुसार 0/20 पर दोनों आरोपीगण के विरुद्ध देहाती नालसी लेखबद्ध की। उक्‍त देहाती नालसी के आधार पर प्रथम सूचना रिपोर्ट आरोपीगण के विरुद्ध धारा 302, 323 भा.दं.वि. की लेखबद्ध की गई। संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपीगण के विरुद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर से आरोपीगण को उक्‍त दण्‍ड से दण्डित किया गया।
पैरवीकर्ता जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला इंदौर (म.प्र.)

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