जिस निर्माण कार्य का लोकार्पण स्वयं भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री ने रखी क्या उस बिल्डिंग की अवधि मात्र 10 वर्ष प्रवीण सिंह चौहान

हाल ही में 10 वर्ष पूर्व बने चार करोड़ की लागत से प्लाजा का आयुक्त नगर निगम व जिला प्रशासन के द्वारा ताबड तोड़ कार्यवाही करते हुए सील कर दिया गया जबकि उक्त भवन की आयु ही अभी मात्र 10 से 12 साल हो रही है कारण जर्जर बिल्डिंग बताया गया वहां पर अपना जिवको पार्जन कर रहे अपना व्यवसाय चला रहे व्यापारियों पर तनिक भी इस भारतीय जनता पार्टी की सरकार में इन अधिकारियों को तरस और मोह नहीं आया कल से वह सड़क पर हो जाएंगे उनकी रोजी-रोटी बंद हो जाएगी उक्त बिल्डिंग की ना तो टेक्निकल जांच कराई गई और ना ही मरम्मत कराई गई ग्राउंड फ्लोर में पानी भरने का हवाला देकर बरसात के समय सील कर दिया गया जबकि स्थिति यह है कि नवनिर्मित संसद भवन में भी हाल ही में पानी भरा था क्या ऐसी स्थिति में संसद भवन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए बिल्डिंग की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसी अधिकारी पर आरोपित नहीं की गई जबकि जब भी कोई कंस्ट्रक्शन का कार्य होता है तो ठेकेदार की परफॉर्मेंस गारंटी एक्स्ट्रा परफॉर्मेंस गारंटी एमडी के रूप में 20% राशि जमा रहती है जो की 5 साल में रिलीज की जाती है ऐसी स्थिति में जब बिल्डिंग की स्थिति नाजुक थी तो उक्त ठेकेदार का क्लोजर सर्टिफिकेट किसने जारी किया क्या किसके कार्यकाल में उक्त ठेकेदार का जमा की गई 20% राशि निकली गई प्लाजा बनते समय महापौर निगम अध्यक्ष की क्या जवाबदारी थी वह तय की गई या नहीं सिर्फ मजबूर व्यापारियों को उक्त बिल्डिंग को लेकर कार्यवाही की गई जबकि व्यापारियों ने बाकायदा एग्रीमेंट कराया है और नगर निगम में राशि जमा कर दुकान किराए से लेकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं इन सारी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि इस भारतीय जनता पार्टी की सरकार में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार चल रहा है यह जनता को सोचने और समझने की आवश्यकता है और यदि व्यापारियों ने इस संघर्ष की लड़ाई में साथ दिया तो आखरी सांस तक मैं इन व्यापारी भाइयों के लिए संघर्ष करूंगा