पुस्तक समीक्षा साहित्य की महत्वपूर्ण विधा है – डाॅ मुन्ना लाल देवदास

छत्तीसगढ़ जनवादी लेखक संघ प्रांताध्यक्ष डाॅ परदेशी राम वर्मा के मुख्य आतिथ्य में ‘ पुस्तक समीक्षा ‘ विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बद्री प्रसाद पारकर की पुस्तक ‘ धीरे धीरे उतरे पार ‘ की समीक्षा करते हुए राष्ट्रपति पुरस्कृत से नि प्रधान पाठक एवं साहित्यकार डाॅ मुन्ना लाल देवदास ने कहा – पुस्तक समीक्षा साहित्य की महत्वपूर्ण विधा है। समीक्षा से ही लेखक के लेखन कौशल में निखार आता है, कमियों में सुधार आता है।और पाठकों की प्रतिक्रिया से उन्हें नई रचना की प्रेरणा मिलती है।

डाॅ देवदास ने आगे कहा कि पुस्तक धीरे धीरे उतरे पार बद्री प्रसाद पारकर की आत्मकथा पर आधारित है। जिसमें उन्होंने देश की गुलामी से लेकर अब तक अपने जीवन के सफर में जिन संघर्षों का सामना किया है उन सबका सजीव चित्रण किया है। इस अवसर पर डाॅ परदेशी राम वर्मा ने साहित्य जगत की अनेक रोचक जानकारियां दी।अध्यक्ष कांशीपुरी कुंदन, साहित्यकार दिनेश ताम्रकार,प्रख्यात लोक कलाकार महेश वर्मा, अध्यक्ष जितेन्द्र सुकुमार साहिर, अध्यक्ष मकसूदन साहू बरीवाला, मोहनलाल मानिकपन, गोकुल सेन, चित्रानंद,युवा साहित्यकार संतोष सोनकर मंडल, नूतन साहू आदि ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किए। अंत में डाॅ देवदास ने मुख्य अतिथि को कौशल्या जन्मभूमि छत्तीसगढ़ पुस्तक भेंट की। यह कार्यक्रम यादगार बन गया ।