नाबालिक के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास व जुर्माने से दण्डित किया

न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी रितेश उर्फ कित्तू साहू को थाना कुण्डम के अपराध क्रं. 259/2020 व न्यायालय के विशेष प्रकरण क्रमांक(एस.सी.) 173/2020 अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एम) सहपठित धारा 6 में आजीवन सश्रम कारावास व 5000 रूपये अर्थदण्ड तथा धारा 506 भाग-दो भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया तथा उत्तरजीवी को 1,00,000 रूपये(एक लाख रू) प्रतिकर राशि प्रदान करने का आदेश पारित किया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि, उत्तरजीवी ने दिनांक 10.09.2020 को थाना कुण्डम में उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि, दिनांक 04.09.2020 को दिन के लगभग 12.00 बजे वह अपने पड़ोस की दादी के घर खेलने गई थी, उनकी बहू के पास बैठी थी, तभी उसके पास आरोपी रितेश उर्फ कित्तू , उसके पास आया और साथ चलकर मोबाइल दिखाने का बोलकर उसे कमरे में ले गया और उसका हाथ पकड़ने लगा और उत्तरजीवी के मना करने पर जबरन उसका हाथ पकड़ा और उसके चिल्लाने पर उसे जान से मारने की धमकी देकर, उत्तरजीवी के कपड़े उतारने लगा, जब उत्तरजीवी चिल्लाई तो आरोपी ने अपने हाथ से उसका मुह बंद कर दिया और उसके साथ जबरन गलत काम (बलात्कार) किया। जब उसकी मम्मी उसे बुलाने आई तो आरोपी ने उत्तरजीवी की मम्मी की आवाज सुनकर उसे छोड़ दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया। उक्त सूचना के आधार पर आरक्षी केन्द्र कुण्डम, जिला जबलपुर द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध कमांक 259/2020 अंतर्गत धारा 376, 376एबी, 506, भा०दं०सं० एवं धारा 3 व 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अधीन रिपोर्ट लेख कर प्रकरण विवेचना में लिया गया जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक पल्लवी पाण्डेय व महेश प्रसाद श्रीवास्तव द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारार्थ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती स्मृतिलता बरकडे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती स्मृतिलता बरकडे अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के न्यायालय द्वारा आरोपी रितेश उर्फ कित्तू साहू को थाना कुण्डम के अपराध क्रं. 259/2020 व न्यायालय के विशेष प्रकरण क्रमांक(एस.सी.) 173/2020 अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एम) सहपठित धारा 6 में आजीवन सश्रम कारावास व 5000 रूपये अर्थदण्ड तथा धारा 506 भाग-दो भादवि में 05 सश्रम कारावास व 1000 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला-जबलपुर