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नाबालिक के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माने से दण्डित किया

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माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी सुमित समुन्द्रे उर्फ गुज्जर को थाना अधारताल के अप0 क्रं. 1065/2022 व विशेष प्रकरण क्रमांक 209/2022 अंतर्गत धारा 366 भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एल) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 07.10.2022 को उत्तरजीवी की माता द्वारा थाना अधारताल में उपस्थित होकर उत्तरजीवी के गुम होने की सूचना दी गई कि दिनांक 06.10.2022 को शाम 06.00 बजे उत्तरजीवी घर से नल में सटक लगाने का कहकर गई थी, जो वापस नहीं आई उसे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उत्तरजीवी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। उत्तरजीवी की आस-पास तथा रिश्‍तेदारी मे पता तलाशी की गई, किंतु उत्तरजीवी नहीं मिली। उक्त के आधार पर थाना अधारताल के अपराध क्रमांक 1065/2022 अंतर्गत धारा 363 के तहत रिपोर्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक उषा विश्‍वकर्मा द्वारा की गई। विवेचना के क्रम में दिनांक 13.10.2022 को उत्तरजीवी को दस्तयाब किया गया। उत्तरजीवी का मेडिकल परीक्षण के लिए अनुमति प्राप्त कर परीक्षण हेतु एल्गिन अस्तपताल भेजा गया। उत्तरजीवी ने बताया कि आरोपी ने उसे अपने साथ मैहर ले गया था जहां पर वह चार दिन तक रूके थे और उसके साथ आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाये थे और बलात्कार किया था। उक्त के आधार पर विवेचना पूर्ण कर भादवि की धारा 366ए, 376 व 376(2एन) एवं पाॅक्सो एक्ट की धारा 3/4 5एल/6 का इजाफा कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी सुमित समुन्द्रे उर्फ गुज्जर को थाना अधारताल के अप0 क्रं. 1065/2022 व विशेष प्रकरण क्रमांक 209/2022 अंतर्गत धारा 366 भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एल) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

 

भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/सहायक
जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला – जबलपुर म0प्र0

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