नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास की सज।
ग्वालियर- श्रीमती आरती शर्मा अनन्यतः विशेष न्यायाधीश, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं त्रयोदशम अपर सत्र न्यायाधीश जिला ग्वालियर (म0प्र0) में विचाराधीन विशेष प्रकरण क्रमांक 18/20 धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में अभियुक्त हिमांशु पटेल को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड 15,000/- रूपये, व्यतिक्रम में 03 माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अनिल कुमार मिश्रा ने चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि फरियादी (अभियोक्त्री की माता) ने पुलिस थाना विश्वविद्यालय में उपस्थित होकर एक लेखीय आवेदन प्रस्तुत किया कि अभियोक्त्री शिवपुरी लिंक रोड में कक्षा 10 वीं में पढती है, अभियोक्त्री ने बताया कि अभियोक्त्री के स्कूल में अभियुक्त हिमांशु पटेल उसके स्पोर्टस टीचर है जो उनका पी.टी. पीरियड लेते है, अभियुक्त हिमांशु ने अभियोक्त्री से एक दिन कहा कि यू.आर. गुड प्लेयर आप अच्छा खेलती हो फिर अभियुक्त एवं अभियोक्त्री की नाॅर्मल बातचीत होती थी कुछ दिन बाद अभियुक्त ने बात करना बंद कर दिया, फिर अभियोक्त्री ने पूछा कि सर आप मुझे इग्नोर क्यांे कर रहे हो तो अभियुक्त ने अभियोक्त्री से मोबाईल पर बात करने के लिये कहा, जब अभियोक्त्री ने फोन लगाकर बात की तो अभियुक्त हिमांशु ने कहा कि आई.लाईक यू., मैं आपको पसंद करता हूॅ क्योंकि आप बहुत इनोंसंेट हो क्लास में चुप रहती हो, एक दिन अभियोक्त्री को फोन करते हुये अभियोक्त्री की माता ने देखा तो वह उसके स्कूल में यह पता करने गई कि क्या चल रहा है, हिमांशु सर कौन है पर अभियोक्त्री की माता को बताया गया कि सर छुट्टी पर है, अभियोक्त्री की माता सर को पहचानती नहीं थी, सर स्कूल में ही थे। उसके बाद दिनांक 05.10.2019 को जब वह घर पर नहीं थी और अभियोक्त्री अकेली कोचिंग जा रही थी, तभी अभियुक्त हिमांशु पटेल अभियोक्त्री को बहलाफुसला कर घुमाने के बहाने अपने घर लेकर गया, जहाॅ अभियुक्त हिमांशु ने अभियोक्त्री को जबरदस्ती सिगरेट पिलाई और अभियोक्त्री के साथ मना करने पर भी जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाये तथा वापस घर पर छोड़ गया, डर के कारण अभियोक्त्री ने कुछ दिन बाद अपनी माता को घटना बतायी, अभियोक्त्री की माता ने उक्त दिनांक को अभियोक्त्री के साथ थाना उपस्थित होकर अभियुक्त हिमांशु के खिलाफ शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया। जिसके आधार पर पुलिस थाना विश्वविद्यालय जिला ग्वालियर में प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 362/2019 पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अभियोक्त्री एवं साक्षीगण के कथन लेखबद्ध कर अभियुक्त को गिरफतार किया तथा बाद चिकित्सीय परीक्षण नक्शा मौका बनाया जाकर संकलित प्रदर्शो ंको क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला प्रेषित करने के उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्त को सजा सुनाई।
अनिल कुमार मिश्रा
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी
जिला- ग्वालियर म0प्र0