न्यायालय द्वारासनसनीखेज प्रकरण में नाबालिग बच्ची आयु लगभग 11 साल के साथ बलात्संग करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा एवं 15,000 रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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विदिषा।(गंजबासौदा)माननीय न्यायालय श्रीमती नीलम मिश्रा द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीष/विषेष न्यायाधीष (पॉक्सो) तहसील-गंजबासौदा, जिला-विदिषा ने आज अपने निर्णय दिनांक 15.06.2023 को आरोपी को भादवि की धारा 376एबी एवं 5एम/6,पॉक्सों अधिनियम में आजीवन कारावास की सजा (षेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिए)। से दण्डित किया गया। उक्त प्रकरण में पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/एसपीओ दिनेष कुमार असैया की गई।

घटना का संक्षिप्त विवरणः- दिनांक 26.03.22 को फरियादिया/पीडिता के द्वारा आरोपी के विरूद्ध रिपोर्ट की कि सुबह ज बवह अपने स्कूल पढने जा रही थी तभी उसे स्कूल के बाहर लगभग 11ः30 बजे आरोपी जो उसकी पापा की दुकान पर चाय पीने आता है वह आया और उससे कहने लगा कि तुम मेरे साथ एक जगह चलो अभी आ रहे है तो उसने आरोपी से मना किया तो आरोपी जबरजस्ती उसका हाथ पकडकर चौक के पास खंडहर में ले गया, जहां पर आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया और वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी तो आवाज सुनकर कुछ लोग आ गए तो उन्हें देखकर आरोपी खडा हो गया। फिर बच्ची ने घटना की जानकारी अपने पिता को बताई थी। पीडिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर से थाना शमषाबाद में अप. क्र. 104/22 धारा 376(1) भादवि, 5एम/6 पॉक्सों एक्ट का आरोपी के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लिए गए पीडिता का मेडिकल कराया गया तथा आरोपी को गिरफतार कर माननीय न्यायालय में पेष किया गया था। प्रकरण में धारा 363, 366, 376एबी भादवि का ईजाफा कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष पेष किया गया था।
माननीय न्यायालय में विचारण उपरांत पीड़िता व साक्षीगणों के कथन न्यायालय के समक्ष कराए गए थे। उक्त प्रकरण में पीडिता व उसके पिता एवं अन्य स्वतंत्र साक्षी के द्वारा घटना का समर्थन किया गया था तथा वैज्ञानिक रिपोर्ट से भी मामला प्रमाणित हुआ था कि आरोपी के द्वारा नाबालिग बच्ची से बलात्संग किया गया था। उपलब्ध साक्ष्य तथा एडीपीओ दिनेष असैया के तर्क से सहमत होकर आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए भादवि धारा 376एबी एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 5एम/6, मंे (विषेष अधिनियम 2012 के अंतर्गात अनुकल्पिक दण्ड के अंतर्गत दंडित किया गया है। धारा 366 भादवि एव धारा 5एम/6 में दंडित कर आजीवन कारावास की सजा (षेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिए) एवं कुल 15,000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण के उचित निराकरण हेतु श्रीमान जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री जे.एस. तोमर साहब के द्वारा समय-समय पर मार्गदर्षन प्रदान किया गया था। उक्त प्रकरण में विवेचना निरीक्षक पंकज गीते एवं उपनिरीक्षक पूजा घुरैया थाना शमषाबाद द्वारा की गई। प्रकरण के शीघ्र निराकरण हेतु आरक्षक रीतेष तिवारी द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया तथा साथ ही पीडिता को 4 लाख रूपए की प्रतिकर की राषि भी दिए जाने के निर्देष दिए गए है।

मीडिया सेल प्रभारी
जिला विदिषा

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