गांव की गलियों एवं सड़कों को लगा अतिक्रमण का रोग, नहीं हो रहा इलाज

नेशनल ब्यूरो चीफ➖राकेश शर्मा की विशेष रिपोर्ट
सीधी- शहर वासियों को शहर के अतिक्रमण से पूरी तरह से नहीं तो कुछ हद तक मुक्ति जरूर मिली! लेकिन ग्रामीणों को गांव के सरहंगों एवं नासमझ लोगों से आज तक निजात नहीं मिल पाई! गांव की गलियां हों सड़कें हों तालाब हों, या फिर कोई भी सार्वजनिक स्थान हों सबको अतिक्रमण रूपी भयानक रोग लगा हुआ है! जो कैंसर की तरह फैलता जा रहा है! जिसका इलाज नहीं हो पा रहा है ! जिन गलियों एवं सड़कों से बड़ी सहजता से चार पहिया वाहन निकल जाया करते थे वहां मोटरसाइकिल का निकलना भी मुश्किल होता जा रहा है!

और इसका प्रमुख कारण है कि इलाज करने बाले जिम्मेदारों द्वारा पूरी तरह से अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली गई है! गांव में पदस्थ पटवारियों द्वारा भी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वाहन नहीं करते हुए ऐसे रोगों की रिपोर्ट सक्षम अधिकारी तक नहीं पहुंचाई जाती!

सीधी जिले के तमाम गांव इस अतिक्रमण रूपी रोग के शिकार हैं! आज हम आपको सिहावल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र नकझर का हाल बता रहे हैं, जहां पर ठाढी़ से चरहवा तक लगभग तीन किलोमीटर की सड़क अतिक्रमण का शिकार हो गई है! अतिक्रमण के चलते इस सड़क से बड़े वाहन तो छोड़िये दोपहिया वाहन भी निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है! सक्षम अधिकारियों को यहां की यात्रा कर जानना चाहिए कि रास्ता कितना सुगम या कठिनाई से भरा हुआ है!