नगर परिषद देवेंद्रनगर में नही आते बड़े बाबू काम के लिए जाना पड़ता है कर्मचारियों को उनके घर

लोकेशन=देवेंद्रनगर
रिपोर्टर=सुधीर अग्रवाल
देखा जाए इस समय नगर परिषद देवेंद्रनगर सुर्खियों में ऐसे ही यहां बड़े बाबू जो पहले शनिवार को भर आते थे अब बिल्कुल नही आते सुनने में आता हे उनका मन नही लगता अब परिषद के काम के लिए नगर परिषद के कर्मचारियों को कर्मचारियों को उनके घर जाकर काम कराना पड़ता है देखा जाए कर्मचारी किसी की नहीं सुनते काम को टाला जाता है जनता करे तो करे क्या एक काम के लिए 50 बार जाओ फिर भी काम पूरा नहीं हो रहा है शासन की योजना का लाभ नहीं मिल रहा लाभार्थियों को सिर्फ उन्हें दी जाती जो दम खम बाला होता हे देखा जाए चाहे वह सीएमओ हो चाहे वह बड़े बाबू जनता के काम को नजरअंदाज करते हे शासन की योजनाओं को लाभ अपने लिए समझते ना की जनता के लिए उनकी पर्सनल गाड़ियों में शासन के खजाने से डीजल पेट्रोल भरा जाता है और शासन की योजनाओं का लाभ देने की एवज में जनता से कुछ और चीजों की मांग रहती है तब वह लाभ जनता तक पहुंच सकता है इस समय जनता दर-दर की ठोकरें खा रही है शासन की मंशा है की हर योजना का लाभ जनता तक पहुंचे लेकिन योजना रसूखदारो के लिए है जनता के लिए नहीं जो जितना दमखम वाला है उसे यह सब मिल सकती है तो बाकी क्या करें