ग्राम पंचायत का कार्य ठप, पंचायत सचिव और सहायक सचिव 14 दिन के अर्जित अवकाश पर
ग्राम पंचायत का कार्य ठप, पंचायत सचिव और सहायक सचिव 14 दिन के अर्जित अवकाश पर
चुनावी वर्ष होने के कारण विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा लगातार आंदोलन कर अपनी मांगों को सरकार तक आवाज पहुंचाई जा रही है
मध्य प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के आवाहन पर प्रदेश सचिव एवं सहायक सचिव संघ का संयुक्त वादा निभाओ आंदोलन अपने चरम सीमा पार पहुंचते हुए आंदोलन का रास्ता चुनने का संकल्प लिया है
सीधी जिले के पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव सचिव संघ अध्यक्ष सुरेश प्रताप सिंह के अगुवाई में कलेक्टर कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को लेकर 14 दिन के अर्जित अवकाश पर धरना देकर बैठ गए एवं सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार को बनाना एवं गिराना हमें बखूबी आता है यदि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है। पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव की हड़ताल पर पंचायतों का पूरा कार्य प्रभावित हो रहा है ऐसे में देखना यह दिलचस्प होगा कि सरकार की आने वाली योजनाएं सरकार की मानसिकता के अनुरूप जन-जन तक पहुंचाई जाए असंभव प्रतीत हो रहा है हालांकि चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार के लिए भी चिंताजनक है बगैर ग्राम पंचायत प्रतिनिधि के हड़ताल में आने के बाद वहां के लोगों को सरकार की सुविधाएं किस प्रकार से मुहैया हो पाएगी
क्योंकि ग्राम पंचायत का सचिव एवं सहायक सचिव एक ग्राम के प्रशासनिक प्रतिनिधि के रूप में जनता के सामने स्थापित होते हैं इस तरह में भाजपा के शिवराज सरकार भली-भांति जानती है के बगैर पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव के बिना भारी नुकसान का खामियाजा चुनाव में झेलना पड़ सकता है
पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव की मुख्य मांगों में से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन, छठवें वेतनमान का निर्धारण नियुक्ति दिनांक से, रिक्त पड़ी जगह पर 100% अनुकंपा नियुक्ति की गारंटी, सहायक सचिव का जिला संवर्ग में संविलियन रहा
सीधी से जिला ब्यूरो
विमलेश द्विवेदी की खास रिपोर्ट