सीधी में मोदी के पुतले का दहन, आरक्षण और UGC मुद्दे को लेकर प्रदर्शन

सवर्ण आयोग लागू करने की मांग को लेकर आहत लोगों ने जताया विरोध, बोले—ठोस परिणाम मिलने तक जारी रहेगी आवाज
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले का दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने जातीय आरक्षण, UGC से जुड़े प्रस्तावित प्रावधानों और SC/ST कानूनों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण आयोग लागू करने की मांग भी उठाई।
कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जातीय आधार पर लागू व्यवस्थाओं से समाज में असमानता और विभाजन की भावना बढ़ रही है। हालांकि, इन आरोपों और दावों पर संबंधित सरकारी पक्ष का दृष्टिकोण अलग हो सकता है।
‘दीप जलाते समय आग पकड़ी, अब आवाज बनकर दिखाई-सुनाई देती रहेगी’
मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह विरोध केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “दीप जलाते समय आग पकड़ ली है, और यह आग ऐसी पकड़ी है कि UGC रोलबैक के नारे भारत की आवाज बनकर दिखाई और सुनाई देते रहेंगे।”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान “सवर्ण एकता जिंदाबाद” सहित अन्य नारे भी लगाए गए।
सवर्ण आयोग लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से सवर्ण आयोग के गठन और अपनी मांगों पर विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समान अवसर और समान अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
हालांकि, कार्यक्रम में लगाए गए विभिन्न आरोपों और मांगों पर सरकार अथवा संबंधित संस्थाओं की ओर से इस कार्यक्रम के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान पुतला दहन का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके आधार पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं।