बिछिया पंचायत में 10.65 लाख के भुगतान पर उठे सवाल, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

0 105

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव)

 

 

जनविश्वास शिविर में शिकायतकर्ता ने सौंपा आवेदन, रिकॉर्ड की जांच के साथ निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन की मांग

 

शहपुरा। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिछिया में अप्रैल 2026 से अब तक हुए 10 लाख 65 हजार 619 रुपये के कथित भुगतान को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ग्राम पंचायत बिछिया निवासी नीरज नामदेव ने जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डिंडोरी को शिकायत आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पुनः विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

 

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पंचायत में पूर्व में जांच की कार्रवाई की गई थी, लेकिन संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी। आवेदन में पंचायत से जुड़े रिकॉर्ड, कार्यवाही पंजी, भुगतान संबंधी दस्तावेज एवं अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की गई है।

 

पंचायत रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग

 

शिकायतकर्ता के अनुसार जांच के दौरान पंचायत सचिव के बीमार होने का हवाला देते हुए रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि सचिव कार्यालय में उपस्थित नहीं हैं तो पंचायत से संबंधित शासकीय अभिलेख अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के माध्यम से सुरक्षित रूप से प्राप्त कर जांच में शामिल किए जाएं।

 

आवेदन में यह भी मांग की गई है कि पंचायत सचिव की आलमारी अथवा उनके पास उपलब्ध पंचायत संबंधी अभिलेखों को प्राप्त कर उनका परीक्षण किया जाए, ताकि भुगतान एवं निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

 

बैठक रजिस्टर और पंचों की उपस्थिति की भी हो जांच

 

शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत की मासिक बैठकों के कार्यवाही रजिस्टर और पंचों की उपस्थिति पंजी की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत में निर्माण कार्यों और भुगतान से जुड़े प्रस्ताव बैठकों में पारित किए जाते हैं। ऐसे में संबंधित बैठकों के प्रस्ताव और पंचों की उपस्थिति का परीक्षण करने से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित कार्यों एवं भुगतानों को लेकर पंचायत स्तर पर क्या निर्णय लिए गए थे।

 

भुगतान के अनुरूप निर्माण हुआ या नहीं, मौके पर हो सत्यापन

 

आवेदन में अप्रैल 2026 से अब तक हुए 10,65,619 रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड जांचने के साथ-साथ भुगतान के एवज में कराए गए निर्माण कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।

 

शिकायतकर्ता ने कहा है कि पंचायत के दस्तावेजों में दर्ज कार्यों और मौके पर मौजूद वास्तविक निर्माण कार्यों का मिलान कराया जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि जिन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया, वे वास्तव में हुए हैं या नहीं और हुए हैं तो उनकी गुणवत्ता एवं मात्रा भुगतान के अनुरूप है या नहीं।

 

मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की भी मांग

 

शिकायत में आवश्यकता पड़ने पर पंचायत सचिव के अप्रैल 2026 से अब तक के मेडिकल ट्रीटमेंट संबंधी रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग भी की गई है, ताकि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के संबंध में दिए गए कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

 

कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय जाने की बात

 

शिकायतकर्ता ने आवेदन में कहा है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही जांच समिति द्वारा की गई कार्रवाई और उसके निष्कर्ष से उन्हें अवगत कराने की मांग भी की गई है।

 

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पंचायत के अभिलेखों की जांच और मौके पर निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन के बाद ही भुगतान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment