समाज सेवा के मिसाल थे देवनंदन बाबू, उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की जरूरत: सांसद
मादिंल गांव में हुआ प्रतिमा का अनावरण, जनप्रतिनिधियों के साथ गणमान्य लोगों की लगी जमघट

जहानाबाद :
पूर्व मुखिया, राजद के वरिष्ठ नेता तथा सहायक लोक अभियोजक रहे देवनंदन यादव की आदमकद प्रतिमा का अनावरण सोमवार को उनके पैतृक गांव मादिल में श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। वक्ताओं ने उनके सामाजिक योगदान, न्यायप्रियता और जनसेवा को याद करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। प्रतिमा का अनावरण मुख्य अतिथि सांसद डा सुरेंद्र प्रसाद यादव व विधायक राहुल कुमार ने संयुक्त रूप से किया है । इस अवसर पर संसद ने कहा कि देवनंदन बाबू ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, गरीबों की सहायता और न्याय दिलाने के लिए समर्पित कर दिया। मुखिया के रूप में उन्होंने ईमानदारी, पारदर्शिता और जनहित की जो मिसाल कायम की, वह आज भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित वर्ग का कोई भी व्यक्ति यदि न्याय की उम्मीद लेकर उनके पास पहुंचता था तो वे अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराते थे। साथ ही जिले में राष्ट्रीय जनता दल को मजबूत आधार देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राहुल कुमार ने कहा कि देवनंदन बाबू भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आदर्श, विचार और समाज के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को उनके जीवन से सीख लेकर जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता अवधेश प्रसाद यादव ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षक डा अरविंद कुमार चौधरी ने किया। उन्होंने देवनंदन बाबू के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस अवसर पर विधान पार्षद कुमार नागेंद्र उर्फ रिंकू यादव, अतरी के पूर्व विधायक कृष्णानंद यादव, अरवल के पूर्व विधायक रविंद्र सिंह, पूर्व विधायक कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव, जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे, जिला पार्षद आभा रानी, राजद नेता परमहंस राय, शशि रंजन उर्फ पप्पू यादव, जदयू नेता जयप्रकाश नारायण, असलम गुड्डू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर देवनंदन बाबू को श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।