माँ कौशल्या मंदिर में पितर महोत्सव और रविवारीय मानसगान के सूत्रधार डाॅ मुन्नालाल देवदास

– पितर महोत्सव 2019 और रविवारीय मानस गान 2021 से
– 350 से अधिक मानस मंडलियों की अब तक प्रस्तुतीकरण
– डाॅ देवदास का अद्वितीय सांस्कृतिक नवाचार
विश्व प्रसिद्ध कौशल्या माता मंदिर चंदखुरी रायपुर में छत्तीसगढ़ के बलिदानी पूर्वजों की पुण्य स्मृति में ऐतिहासिक पितर मानस महोत्सव मनाने की शुरुआत 2019 से हुई । यह पितर महोत्सव अपने आप में अद्वितीय था। क्योंकि प्रदेश की ख्यातिप्राप्त मानस मंडलियों ने अपनी निःशुल्क प्रस्तुति दी और पाँच – पाँच हजार रुपये की सहयोग राशि भी दी। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति चंदखुरी , जिला मानस संघ रायपुर , समस्त मानस मंडलियों व दानदाताओं का विशेष योगदान रहा ।
इसी तरह हर रविवार को कौशल्या माता का दर्शन करने बड़ी संख्या में दर्शनार्थी दूर दूर से मंदिर आते हैं । उन सबको रामकथा से जोड़ने के उद्देश्य से 2021 में रविवारीय मानस गान की शुरुआत हुई । यह रविवारीय मानस गान परंपरा आज भी जारी है । इन दोनों परंपराओं के सूत्रधार हैं राष्ट्रपति व राज्यपाल पुरस्कृत नवाचारी शिक्षाविद , जिला मानस संघ गरियाबंद के संस्थापक डाॅ मुन्नालाल देवदास। मानस के क्षेत्र में डाॅ देवदास का यह संस्कृति आधारित नवाचार अद्वितीय और नई पीढ़ी के लिए धरोहर है।
इस संदर्भ में बताना चाहेंगे कि माता कौशल्या मंदिर प्रांगण में अब तक 350 से अधिक मानस मंडलियों की प्रस्तुति हो गई है। जिसमें महिलाओं, युवाओं और नवोदित मानस मंडलियों की संख्या अधिक है । ये मानस मंडली कौशल्या माता मंदिर में मानस गान करना अपना सौभाग्य मानते हैं ।
डाॅ देवदास ने आगे बताया कि कौशल्या माता मंदिर चंदखुरी में 2026 का भव्य और दिव्य ऐतिहासिक आयोजन मानस दर्शन जीवन अर्पण के बैनर तले होगा और आयोजक माँ कौशल्या मंदिर सेवा संस्थान एवं समस्त नगरवासी चंदखुरी रायपुर होंगे।
जिसकी तैयारी में माँ कौशल्या मंदिर सेवा संस्थान चंदखुरी रायपुर के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य गण लगे हुए हैं ।