सात महीने से बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण, मुड़िया कला में फूटा आक्रोश, हाईवे जाम की चेतावनी

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव
डिंडोरी। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी की ग्राम पंचायत मुड़िया कला इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले सात महीनों से पीएचई विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना बंद पड़ी हुई है, जिससे गांव में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए करीब दो किलोमीटर दूर तक साइकिल या सिर पर बर्तन रखकर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन देकर शिकायतें बंद करा दी जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मुड़िया कला के सरपंच द्वारा पिछले दो महीनों से 15वें वित्त आयोग की राशि से नल-जल योजना सुधार कार्य हेतु लगभग 4 लाख 85 हजार रुपए की तकनीकी स्वीकृति ली गई है, लेकिन अब तक सुधार कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
नल-जल योजना के ऑपरेटर जियालाल झरिया ने बताया कि ग्राम पंचायत के ऊमर टोला में एक सफल बोर उपलब्ध है, जहां से वर्तमान में केवल 10 से 15 घरों को पानी दिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि उसी बोर से ठाकुर टोला मुड़िया कला के कनेक्शन जोड़ दिए जाएं तो भविष्य में पानी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है, लेकिन पीएचई विभाग इस सुझाव पर ध्यान नहीं दे रहा है।
भीषण गर्मी के बीच लगातार बढ़ रही परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि दो-चार दिनों के भीतर पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो गांववासी जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।