कोरोना काल में पत्नी की हत्या करने वाले पति को उम्रकैद

0 154

 

इंदौर कोर्ट का बड़ा फैसला, मृतिका के मृत्युकालीन बयान बने सजा का आधार

इंदौर | पंचम अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. अंबेडकर नगर, जिला इंदौर की अदालत ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पंकज (40 वर्ष), निवासी जिला धार को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं धारा 201 भादवि में 7 वर्ष के सश्रम कारावास सहित कुल 2000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

यह फैसला दिनांक 20 मई 2026 को थाना मानपुर के अपराध क्रमांक 319/2020 में सुनाया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आनंद नेमा एवं बलबहादुर सिंह अलावा ने प्रभावी पैरवी की। जानकारी सहायक निदेशक अभियोजन जिला इंदौर श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने दी।

मृत्युकालीन बयान ने दिलाई सजा

अभियोजन के अनुसार, प्रकरण में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद नहीं था, लेकिन मृतिका द्वारा मृत्यु से पूर्व दिए गए मृत्युकालीन कथनों को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान दर्ज कराते हुए आरोपी को कठोर दंड देने की मांग की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया।

लॉकडाउन में महाराष्ट्र से लौटते समय हुआ विवाद

घटना 8 मई 2020 की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महिला खून से लथपथ सड़क किनारे पड़ी है। उसे लेबड़-मानपुर फोरलेन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर लाया गया।

महिला ने बताया था कि वह अपने पति पंकज के साथ महाराष्ट्र के जलाना क्षेत्र में मजदूरी करती थी। लॉकडाउन के कारण दोनों ट्रक से मानपुर पहुंचे और वहां से पैदल अपने गांव घाटाबिल्लौद जा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रिपोर्ट को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ और आरोपी पंकज ने धारदार चाकू से उसकी गर्दन पर हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद मामले में धारा 307 से बढ़ाकर धारा 302 भादवि जोड़ी गई। पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन के साक्ष्यों और मृत्युकालीन बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

पैरवीकर्ता :

जिला अभियोजन मीडिया सेल, जिला इंदौर

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment