डिंडोरी के कृषकों को नागपुर में गौ विज्ञान आधारित प्रशिक्षण 

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रिपोर्टर सोहन श्याम बजाग डिंडौरी

 

डिंडौरी-कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत आत्मा परियोजना के तहत जिला कलेक्टर के निर्देशन में डिंडोरी जिले के कृषकों के लिए राज्य के बाहर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस क्रम में कृषकों का दल गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र, देवलापार, नागपुर (महाराष्ट्र) में प्रशिक्षण हेतु पहुंचा।

यह संस्थान देश का एक प्रमुख केंद्र है, जहां गायों के संरक्षण, पंचगव्य, तथा गौ आधारित औषधियों एवं उपभोग्य सामग्रियों पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कृषकों को गायों और उनके उत्पादों की विशाल संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

किसानों को गौमूत्र एवं गोबर से विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने की विधियां सिखाई गईं। इसमें वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप खाद, मटका तरल खाद सहित विभिन्न प्रकार की जैविक खाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही गौ आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग और उनके लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षण सत्र में “गौ कृपामृतम” बनाने की विधि, उसके उपयोग तथा फसलों में इसके सकारात्मक परिणामों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कृषकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे अपनी खेती में अपनाने की बात कही।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा आयवृद्धि के नए अवसरों से जोड़ना है।

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