गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, शिकायत पर तुरंत होगा समाधान
जांच, मॉनिटरिंग और पीएनजी योजना से उपभोक्ताओं को राहत

सीधी | 03 अप्रैल 2026
जिले में घरेलू गैस आपूर्ति को सुगम, पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा प्रभावी पहल की गई है। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार, जिला नोडल अधिकारी एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने प्रताप गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 22 मार्च 2026 तक की बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। एजेंसी प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में सामान्य दिनों की तुलना में बुकिंग संख्या अधिक होने से बैकलॉग बढ़ा है, हालांकि कंपनी से गैस की आपूर्ति लगातार मिल रही है और लंबित बुकिंग जल्द पूरी कर ली जाएगी।
इसी क्रम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जिले में सिटी गैस वितरण योजना के तहत कार्य तेज़ी से जारी है। नगर पालिका सीधी, नगर परिषद रामपुर नैकिन और चुरहट में पाइपलाइन बिछाने का काम प्रगति पर है। सीधी नगर क्षेत्र में 147 परिवारों को ट्रायल आधार पर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जल्द ही चुरहट और रामपुर नैकिन में भी पीएनजी ट्रायल शुरू किया जाएगा।
यह पहल शासन की उस प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसमें उपभोक्ताओं को सुरक्षित, निर्बाध और सुविधाजनक गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना शामिल है। पीएनजी व्यवस्था लागू होने से भविष्य में सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।
उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है। रिफिल सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता 8839677266 पर अपना बुकिंग नंबर, तिथि, उपभोक्ता क्रमांक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भेजकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
[3/4, 7:12 pm] rdpandey1213: ‘किसान कल्याण वर्ष’ में बड़ी पहल: अब किसानों को मिलेगा सटीक मौसम पूर्वानुमान
📊 स्वचालित मौसम स्टेशन सक्रिय, फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद
सीधी | 03 अप्रैल 2026
‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने और फसलों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, सीधी में स्थापित स्वचालित मौसम स्टेशन अब पूरी तरह से क्रियाशील हो गया है, जिससे किसानों को समय पर सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
यह आधुनिक मौसम स्टेशन तापमान, आर्द्रता, हवा की गति व दिशा, वर्षा और वायुमंडलीय दबाव जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों को स्वतः रिकॉर्ड कर तुरंत प्रसारित करता है। इन आंकड़ों के आधार पर कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को समय-समय पर आवश्यक सलाह दी जा रही है, जिससे वे मौसम के अनुसार अपनी खेती की योजना बनाकर फसलों को नुकसान से बचा सकें।
इस पहल के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है। समय पर मौसम पूर्वानुमान मिलने से किसान असमय बारिश, तेज हवाओं और तापमान में बदलाव के प्रति पहले से सतर्क रह सकते हैं, जिससे फसल क्षति और आर्थिक नुकसान में कमी आएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख शैलेन्द्र गौतम ने बताया कि मौसम स्टेशन से प्राप्त डेटा के आधार पर किसानों को नियमित सलाह दी जा रही है। वहीं, उपसंचालक कृषि राजेश सिंह चौहान ने जानकारी दी कि किसानों को ‘किसान सारथी पोर्टल’ से जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें एसएमएस के माध्यम से मौसम और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सीधे मिल सके।
अब तक 31 हजार से अधिक किसान इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं, जबकि शेष किसानों को भी तेजी से जोड़ा जा रहा है। जिन किसानों को अभी तक एसएमएस अलर्ट प्राप्त नहीं हो रहे हैं, वे अपने नजदीकी कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। साथ ही विभागीय व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी जानकारी साझा की जा रही है।
यह पहल ‘सशक्त किसान, सुरक्षित फसल और समृद्ध खेती’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।