इंदौर जल संकट पर अभद्र टिप्पणी का विरोध तेज,
सीधी यूथ कांग्रेस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का फूंका पुतला
सीधी।
इंदौर में गहराते जल संकट को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर भाजपा के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में सीधी जिले में यूथ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख चौराहे पर मंत्री का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंदौर जैसे बड़े और महत्वपूर्ण शहर में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। ऐसे गंभीर मुद्दे पर जब पत्रकार सवाल पूछते हैं, तो एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है कि वह संयमित और तथ्यात्मक जवाब दे। इसके विपरीत मंत्री द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी न केवल पत्रकारों का अपमान है, बल्कि आम जनता की पीड़ा को भी हल्के में लेने जैसा है।
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा,
“पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। उनके सवालों का जवाब देने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग करना भाजपा नेताओं की अहंकारी सोच को दर्शाता है। इंदौर की जनता पानी के लिए परेशान है और सरकार के मंत्री सवाल पूछने वालों पर टिप्पणी कर रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश में बुनियादी समस्याओं—जैसे पानी, बिजली और रोजगार—पर गंभीर नहीं है। जब जनता सवाल करती है तो उसे नजरअंदाज किया जाता है या अपमानित किया जाता है। यूथ कांग्रेस ने मांग की कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और इंदौर की जल समस्या के स्थायी समाधान की ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करें।
पुतला दहन के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। “पत्रकारों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “पानी दो, जवाब दो” और “जनता की समस्याओं पर राजनीति बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि एहतियातन मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा।
यूथ कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार और उसके मंत्री जनसमस्याओं के प्रति इसी तरह असंवेदनशील बने रहे, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने साफ किया कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों, पत्रकारों की स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करता रहेगा।