मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा शुरू की — ई-केवाईसी प्रक्रिया की सराहना, पीडीएस व्यवस्था में बड़े सुधार के निर्देश

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा पीडीएस प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने हेतु की गई ई-केवाईसी प्रक्रिया की सराहना की और इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने पर विभागीय टीम को बधाई दी।

 

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22,800 करोड़ रुपये की लागत से 66.25 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न निःशुल्क वितरित किया गया है। वहीं पीडीएस के 536.23 लाख पंजीकृत हितग्राहियों में से 497.08 लाख का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है।

 

ई-केवाईसी के बाद 34.87 लाख अपात्र हितग्राहियों को पोर्टल से हटाया गया, जिससे प्रतिमाह लगभग 32.43 करोड़ रुपए की बचत सुनिश्चित हुई है। इस बचत से प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नए हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ दिया जा रहा है। विभाग ने यह भी बताया कि केवाईसी के 72 घंटे के भीतर पात्रता पर्ची जारी की जा रही है।

 

विगत दो वर्षों में लाड़ली बहनों एवं उज्ज्वला योजना से लाभान्वित महिलाओं को 911.3 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है। शहरी गैस वितरण के लिए जिला स्तर पर ‘सिंगल विंडो पोर्टल’ भी प्रारंभ किया गया है।

 

इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नत किया गया है। इसके साथ ही विभाग ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण की सूचना एसएमएस के माध्यम से भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस लगाकर राज्य स्तर पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

 

जल्द ही सभी उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। गेहूं खरीदी में वर्ष 2024-25 हेतु 125 रुपए और 2025-26 हेतु 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया गया है। इसके अलावा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है।

 

वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की गतिविधियों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘इमेजिनेशन मेजरमेंट एप’, ‘फ्यूमिगेशन एप’ और ‘इंस्पेक्शन एप’ विकसित किए गए हैं। वहीं गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

 

सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 नई उचित मूल्य दुकानों की स्थापना तथा अखाड़ों की मांग के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड और गैस कनेक्शन जारी करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, दक्षता और तकनीक आधारित प्रणाली से योजनाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुँचे, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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