पटवारियों पर फसल नुकसान सर्वे में गड़बड़ी के आरोप,सीधी प्रशासन के आदेश पर उठे सवाल

0 434

सीधी /प्राइड इंडिया न्यूज़ ( रिपोर्ट राकेश शर्मा) बेमौसम अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के आकलन को लेकर सीधी जिले के सिहावल तहसील तथा बहरी तहसील क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया है।किसानों ने आरोप लगाया है कि पटवारियों द्वारा किए जा रहे फसल नुकसान सर्वे में गंभीर गड़बड़ियां और मनमानी की जा रही है।

 

किसानों का आरोप-“पटवारी बिना खेत देखे बना रहे रिपोर्ट”सिहावल तहसील एवं बहरी तहसील अंतर्गत गांवों के किसानों का कहना है कि कई जगहों पर पटवारी द्वारा बिना खेतों का निरीक्षण किए ही नुकसान की रिपोर्ट बनाई जा रही है। कुछ किसानों ने दावा किया कि “जिन खेतों में 80% तक फसल नष्ट हो चुकी है, वहां सिर्फ 20% नुकसान दिखाया गया है।”किसानों का यह भी दावा है कि सर्वे में चुनिंदा किसानों को ही लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि अधिकांश प्रभावित किसान सूची से बाहर हैं।

सीधी प्रशासन ने सभी पटवारियों को निर्देश जारी किए थे कि वेअपने-अपने क्षेत्र में फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करें। और वह रिपोर्ट पूरी तरह से पारदर्शिता पूर्ण हो। लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति इससे उलट दिखाई दे रही है।

 

“ किसानों का आरोप है कि हमारा नुकसान बहुत बड़ा है। अगर सही सर्वे नहीं हुआ, तो हमें मुआवजा नहीं मिलेगा,” और हम कहीं के नहीं रह जाएंगे। इसलिए किसानों के साथ पटवारियों द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार एवं लापरवाही को लेकर पक्षपात पूर्ण रवैये पर तुरंत कार्यवाही की जाए। ताकि वास्तविक किसानों को उनका हक मिल सके।

 

फसल नुकसान सर्वे, किसानों के लिए राहत पाने की पहली कड़ी है, लेकिन यदि यही प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ जाए तो राहत योजना की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है। अब देखना यह है कि सीधी प्रशासन इस मामले में कितनी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर पाता है।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment