कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने समय-सीमा बैठक में दी सख्त निर्देश, की विभागीय कार्यां की गहन समीक्षा
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा की बैठक आयोजित की। बैठक में जिले के सभी प्रमुख विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक, एसडीएम शहपुरा श्री एश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग श्री रामबाबू देवांगन सहित जिले के समस्त जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने खरीफ उपार्जन की तैयारियों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर और व्यवस्थित रूप से लाभ मिले, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ समय रहते सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने गौशालाओं की अद्यतन प्रगति पर भी अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि पशुओं के संरक्षण और देखभाल के लिए पर्याप्त चारे और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में ’’अमृत सरोवर और सार्वजनिक तालाबों’’ के निर्माण एवं रख-रखाव, ’’मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों’’ और ’’जेजीएसए प्लांटेशन’’ की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना तथा वृक्षारोपण योजनाओं की नियमित निगरानी करना सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके साथ ही ’’नर्मदा परिक्रमा पथ के अंतर्गत आश्रय पौधारोपण’’ की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले की पहचान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने जिले में ’’अवैध खनिज भंडारण, वितरण और उपलब्धता’’ पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करें। ’’समग्र ई-केवाईसी’’ की साप्ताहिक प्रगति, ’’उर्वरक भंडारण और वितरण’’, ’’लंबित पेंशन प्रकरणों’’ के शीघ्र निराकरण और ’’बीपीएल धारक शासकीय सेवकों’’ पर नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए।
बैठक में ’’कोदो-कुटकी के पंजीयन’’, ’’पराली प्रबंधन’’ और ’’जन अकांक्षा पोर्टल’’ पर प्राप्त शिकायतों के शीघ्र निराकरण की स्थिति पर भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक किया जाए और इसके लिए उपलब्ध योजनाओं का लाभ समय पर दिया जाए।
कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र की ’’साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट’’ नियमित रूप से प्रस्तुत करें और सुनिश्चित करें कि योजनाओं के ’’प्रभावी क्रियान्वयन’’ में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के कार्यों और योजनाओं की जानकारी कलेक्टर को दी। कलेक्टर ने अधिकारियों के सुझाव भी सुने और मौके पर ही कई बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश जारी किए।