सीधी जिले में ट्रांसफर नीति ठप: वर्षों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी, गरीबों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ”
सीधी से विनय त्रिपाठी की रिपोर्ट,
सीधी जिले में शासन की ट्रांसफर नीति की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। राजस्व, वन, बिजली, खनिज, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, अभयारण्य और पंचायत जैसे अहम विभागों के कई कर्मचारी और अधिकारी वर्षों से एक ही जगह पदस्थ हैं। इनके स्थानांतरण न होने से पारदर्शिता और जवाबदेही पूरी तरह से खत्म होती जा रही है।
बताया जा रहा है कि ये अधिकारी स्थानीय स्तर पर इतनी मजबूत पकड़ बना चुके हैं कि इनका ध्यान जनसेवा से हटकर केवल निजी कार्यों और अपने प्रभाव क्षेत्र को मजबूत करने में लगा है। कई मामलों में ये कर्मचारी खुद या अपने परिचितों को योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे हैं, जबकि गरीब किसान और ज़रूरतमंद नागरिक हाशिए पर धकेल दिए गए हैं।
इन विभागों में व्याप्त वर्षों पुरानी जमावट ने शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत को धुंधला कर दिया है। विशेष रूप से वन और खनिज विभाग में पदस्थ कर्मचारी जमींदारों और रसूखदारों को फायदा पहुंचाने में लगे हैं, वहीं स्वास्थ्य और पंचायत विभागों में भी सेवा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा? क्या ट्रांसफर नीति को सख्ती से लागू कर जनता को राहत दिलाई जाएगी?