तालाब गहरीकरण में मनरेगा में 12 लाख की घोटाला सारंगपुर तालाब का बेस्ट वेयर, 9 महीने में टूटा

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जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट

 

शिकायत के बावजूद नहीं हुई जांच, ग्रामीणों में उबाल….

डिंडौरी, जिले की बजाग जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत सारंगपुर में मनरेगा योजना के तहत कराए गए तालाब गहरीकरण और बेस्टवेयर निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि लगभग 12 लाख रुपये की लागत से किए गए इस कार्य की गुणवत्ता इतनी निम्न रही कि महज 9 महीने में ही निर्माण कार्य टूटकर धराशायी हो गया। बेस्टवेयर, जिसे ओवरफ्लो पानी की निकासी के लिए बनाया गया था, दो हिस्सों में बिखर चुका है।

घटिया सामग्री, भ्रष्टाचार का आरोप…

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत और सब इंजीनियर की मिलीभगत से यह सारा भ्रष्टाचार अंजाम दिया गया। स्थानीय लोगों ने कई बार इस घोटाले की शिकायत की, लेकिन अब तक न तो कोई जांच शुरू हुई और न ही कोई जवाबदेही तय की गई है।

9 महीने में उजड़ गया विकास का सपना..

करीब 9 महीने पहले मनरेगा के तहत यह परियोजना शुरू की गई थी, लेकिन समय से पहले ही निर्माण कार्य दम तोड़ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि न तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर निगरानी रखी गई और न ही किसी अधिकारी ने निरीक्षण किया। परियोजना पर खर्च हुए 12 लाख रुपये का हिसाब अब सवालों के घेरे में है।

जांच नहीं तो होगा आंदोलन: ग्रामीणों की चेतावनी..?

गांव वासियों ने मांग की है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया तो वे जनपद और जिला स्तर पर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

प्रशासन की चुप्पी बनी रहस्य….

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक न तो प्रशासन ने कोई जांच बैठाई और न ही कोई बयान जारी किया है। इससे यह संदेह और भी गहरा हो गया है कि कहीं इस भ्रष्टाचार को ऊपरी स्तर से संरक्षण तो नहीं मिल रहा? यह मामला सिर्फ एक पंचायत का नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। यदि अब भी जिम्मेदार नहीं जागे, तो ऐसे भ्रष्टाचार जनविश्वास को पूरी तरह खत्म कर देंगे।

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