मैहर नगर पालिका कार्यलय नही मानता आरटीआई अधिनियम,जनता के अधिकारों का हनन क्यों.?
प्राइड इंडिया न्यूज़ रीवा से
संवाददाता शिबेन्द सिंह की रिपोर्ट
मामला मैहर नगर पालिका से जुड़ा है जहां मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरटीआई अधिनियम को नही मानते है,सरकारी तंत्र और जनता के बीच पारदर्शिता हो यह सीएमओ लालजी ताम्रकार नही चाहते है, नियानुसार 30 दिन से ज्यादा की अवधि बीत जाने के बाद भी जानकारी नहीं दी जाती है,मैहर नगर पालिका क्षेत्र के सत्ताधारी जनप्रतिनिधि भले शासकीय योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने का दंभ भरते है,वही अगर सीएमओ लालजी ताम्रकार आरटीआई अधिनियम का ईमानदारी से पालन करे तो खुलासा होते समय नहीं लगेगा किस कदर लोग शासकीय योजनाओं से वंचित है, मैहर जिले में कोई ऐसा वरिष्ठ अधिकारी नही है जो सीएमओ लालजी ताम्रकार को आरटीआई अधिनियम का पाठ पढ़ा सके,ताकि जनता और सरकार के बीच पारदर्शिता का संबंध बना रहे,कई आरटीआई आवेदनकर्तायो ने कहा अधिनियम की अवहेलना करने वाले सीएमओ के ऊपर जांच बिठानी चाहिए और प्रमाण मिलने पर विभागीय कार्यवाही करते हुए अधिनियम की अवहेलना करने पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए,ताकि कोई लोक सेवक भारत की संसद में पास अधिनियम की अवहेलना न कर सके, निश्चित प्रमाण के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी कार्यवाही नही करते है जिस कारण जनता परेशान होती है यही स्थिति मैहर नगर पालिका की है|