नाबालिक के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1600 रूपये का अर्थदंड से दंडित किया।

माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी शरन केवट को थाना अधारताल के अप0 क्रं. 266/2017 व विशेष प्रकरण क्रमांक 196/2017 अंतर्गत धारा 354 भादवि, 354 के परिपेक्ष्य में ही एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5)(क), 3(1)(डब्ल्यु)(आई) एवं लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7 सहपठित धारा 8 में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 1600 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि उत्तरजीवी द्वारा थाना प्रभारी अधारताल के समक्ष इस आशय का शिकायत पेश किया गया कि दिनांक 16.03.2017 को वह उसके पड़ोसी अभियुक्त शरन केवट के घर पर टी. व्ही. देखने के लिये 09ः00 बजे गई थी, उस समय अभियुक्त की पत्नी पार्टी में जाने की तैयारी कर रही थी, जिसने उससे पिन मांगी, तो उसने उसे पिन दे दी। उसके बाद अभियुक्त शरन केवट द्वारा बैठने का कहने पर वह बैठ गई। अभियुक्त की पत्नी के पार्टी में जाने के बाद जब उत्तरजीवी ने बाहर आने की कोशिश की, तब अभियुक्त उसे जबरदस्ती बिठाने लगा। जब वह बैठी तो अभियुक्त उसे पलंग पर बैठने के लिए बोला किंतु वह नहीं बैठी तो अभियुक्त ने उसे चादर से ढांकने की कोशिश की और वह उसकी किस लेने लगा। जब उत्तरजीवी ने उससे कहा कि उसे जाना है, तो अभियुक्त ने उसे गिरा दिया और चादर से उढाकर दबाने लगा। अभियुक्त ने उसके साथ बहुत जबरदस्ती की। उत्तरजीवी द्वारा जोर से आवाज लगाने पर वहां मौजूद उसका भाई, बहन व भाभी वहां आ गये। उक्त के आधार पर आरक्षी केन्द्र अधारताल के अपराध क्रं. 266/2017 अंतर्गत धारा 354 भादवि एवं धारा 3(2)(Va) व 3(1)(k) एससीएसटी एक्ट व धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट लेखबद्ध कर विवेचना में लिया गया जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक संध्या चंदेल द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी शरन केवट को थाना अधारताल के अप0 क्रं. 266/2017 व विशेष प्रकरण क्रमांक 196/2017 अंतर्गत धारा 354 भादवि में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रू अर्थदण्ड, धारा 354 के परिपेक्ष्य में ही एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5)(क) में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रू अर्थदण्ड, धारा 3(1)(डब्ल्यु)(आई) में 06 माह का साधारण कारावास व 100 रू अर्थदण्ड एवं लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7 सहपठित धारा 8 में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/सहायक
जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला – जबलपुर म0प्र0