फरियादी द्वारा अपराधियों की खोज खबर लगाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही

लोकेशन= देवेंद्रनगर
रिपोर्टर=सुधीर अग्रवाल
पकड़–शिकायत कर्ता का आरोप
विगत दिनों 17 अप्रैल को देवेंद्रनगर एसबीआई के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग से दिन दहाड़े चोरों ने पूरी दिलेरी और फिल्मी अंदाज में नुनाही निवासी विजय बिलथरिया के 3 लाख रुपए पार कर दिए जिसमे चोरों की सकल कैमरे में कैद हो गई,फरियादी ने थाने में रिपोर्ट कीऔर पुलिस अधिक्षक को आवेदन दिया लेकिन नतीजा वही जांच चल रही है,थक हार कर फरियादी ने स्वयं चोरों की जानकारी लेने के लिए हाथ पैर मारना शुरू किया और 21 अप्रैल को उनके द्वारा थाना प्रभारी देवेंद्रनगर को चोरों का नाम पता गांव,जिला सहित बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई।पर जानकारी के बाद भी नतीजा कुछ नहीं निकला जिसे देखते हुए फरियादी ने मीडिया के सामने जाने का मन बनाया ही था की पुलिस प्रशासन देवेंद्रनगर द्वारा इन्हे मीडिया से संवाद न करने की सख्त हिदायत दी गई।आखिर थक हार कर फरियादी और उनके पुत्र ने मीडिया के कैमरे के सामने अपना दुखड़ा रोते हुए आरोप लगाए की पुलिस या तो चोरों से मिली हुई है या लापरवाह है जो इतनी जानकारी देने के बाद भी चोरों को नहीं पकड़ पा रही है,उन्होंने ही बताया की पुलिस प्रशासन ही उन्हे मीडिया के सामने घटना का जिक्र न करने के लिए दबाव बना रही हैं

आने वाली 22 मई को गुनौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का दौरा है सूत्रों की माने तो फरियादियो और समाजसेवकों द्वारा नगर प्रशासन से उठ चुके भरोसे के कारण अब मुख्यमंत्री के सामने अपनी व्यथा रखने की बात सामने आ रही है,
कुछ सवाल जो पुलिसिया कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते है
1जब चोरों की जानकारी सामने है तो पकड़ने में देरी क्यों?
2 एक माह में तीन चोरियां लेकिन एक का भी खुलासा नहीं?
3 मीडिया से फरियादियों की दूरी बनवाने का क्या औचित्य?
4 जिला प्रशासन की खामोशी जानकारी के बाद भी, क्यों?
आखिर क्या कारण है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम हे