मोटरसाइकिल चोरी करने वाले आरोपी को 2 वर्ष का कारावास एवं 500/- रुपये का अर्थदण्ड

जबलपुर/न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पाटन जिला जबलपुर के द्वारा आरोपी दिलीप ऊर्फ गजनी पटेल थाना पाटन के अपराध क. 487/2020 में आरोपी को धारा 379 भादवि में 2 वर्ष का साधारण कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी झलकन गौड़ ने दिनांक 17.08.2020 को थाना पाटन में इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि वह ग्राम मुदरई पडरिया गोटेगांव निवासी है तथा कास्तकारी करता है। उसका लड़का आशीष उसके साले सुरेन्द्र ठाकुर कुमगवां वाले के घर रहकर मजदूरी करता है। उसे उसने दो तीन वर्ष पहले राजकुमार कुशवाहा छेड़ी बरौदा वाले से मोटर सायकिल क्र. एम. पी. 20. एम. पी. 3815 पुरानी खरीद कर दिलवाया था, उसी के पास मोटरसायकिल रहती थी। दिनांक 14.08.2020 शुक्रवार शाम 06-07:00 बजे आशीष ने मोबाईल पर बताया कि वह ग्राम कोनी, जो बगदरी जोड के पास शाम 05:00 बजे करीब मोटर सायकिल से आया था, वहीं आस पास गाड़ी खड़ी कर घूम रहा था कि थोड़ी देर बाद देखा ही मोटर सायकिल नहीं थी, तब उसको आसपास तलाश किया किन्तु नहीं मिली, उसने उसे एक दो दिन तलाश करते रहने का बोला जो आज तक तलाश पर न मिलने से रिपोर्ट करने को आया है। उसकी हीरो होण्डा काली लाल रंग की मोटर सायकिल क्र. MP20MP-3815 इंजन नंबर HATEDC9A19072 चेसस नंबर AMBLHATTERC9A17507 है, जो कोई अज्ञात चोर चुराकर ले गया है, जिसकी कीमत करीबन 20000 होगी, सामने आने पर वह तथा आशीष पहचान लेगा। उक्त घटना की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना पाटन के अपराध क्रमांक 487/2020 धारा 379 भा०दं०सं० में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। दौरान विवेचना नक्शा मौका, गिरफ्तारी आदि की कार्यवाही पूर्ण कर संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया है। उप संचालक (अभियोजन) श्रीमान विजय कुमार उइके एवं जिला अभियोजन अधिकारी श्री अजय जैन के मार्गदर्शन में अभियोजन की ओर से श्री दुर्गेश ताराम सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के द्वारा मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्री दुर्गेश ताराम सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय श्रीमान रवि कुमार साहू न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पाटन जिला जबलपुर के द्वारा आरोपी दिलीप ऊर्फ गजनी पटेल थाना पाटन के अपराध क. 487/2020 में आरोपी को धारा 379 भादवि में 2 वर्ष का साधारण कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।