शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें: कलेक्टर

जनहित के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं
अधिकारी
रिपोर्टर-सोहन श्याम
डिंडौरी-कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों तथा जनहित से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम शहपुरा श्री ऐश्वर्य वर्मा, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए शिकायतकर्ता से समन्वय स्थापित कर संतुष्टिपूर्वक निराकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जन विश्वास अभियान के शिविरों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए निर्देश दिए कि शिविरों के आयोजन से पूर्व सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण कर लें। उन्होंने विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आगामी ’’31 अगस्त 2026 को विकासखंड समनापुर के ग्राम गौराकन्हारी में आयोजित होने वाले जन विश्वास अभियान शिविर’’ की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा से पहले पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने शिविर में आमजन की सुविधा, विभागीय योजनाओं की जानकारी, आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता तथा आवेदनों के त्वरित निराकरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों को निर्देशित किया कि सभी कृषकों की ’’ई-केवाईसी एवं फार्मर आईडी’’ तैयार करने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी-कर्मचारी कृषकों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करें, ताकि पात्र कृषकों को शासन की कृषि योजनाओं, अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।