पत्नी और पुत्री की निर्मम हत्या के दोषी रामजी भूमिया को फांसी की सजा, 3 हजार रुपये का अर्थदंड

जबलपुर। जबलपुर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में माननीय न्यायालय ने दोषी रामजी भूमिया को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। माननीय न्यायालय श्री राजेश कुमार यादव ने शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को थाना बरगी के अपराध क्रमांक 251/2025 एवं सत्र प्रकरण क्रमांक 463/2025 में फैसला सुनाते हुए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103 के तहत फांसी की सजा तथा 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार, 6 जून 2025 की रात फरियादी आशीष भूमिया उर्फ आशिफ खान को उसकी बहन महक का फोन आया कि घर में मां और सौतेले पिता के बीच विवाद हो रहा है। फरियादी जब घर पहुंचा तो दोनों को समझाकर बाहर चला गया। कुछ देर बाद बहन की चीख सुनकर वापस पहुंचा तो घर के पीछे मैदान में उसकी मां राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो और बहन महक भूमिया खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि आरोपी रामजी भूमिया हाथ में बका लेकर मौके से फरार हो गया।
दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राधा भूमिया को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल महक ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर विस्तृत विवेचना की। जांच निरीक्षक कमलेश चौरिया एवं निरीक्षक जितेंद्र पाटकर द्वारा पूरी कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में उप संचालक (अभियोजन) के.एस. मुवेल तथा सहायक संचालक/जिला अभियोजन अधिकारी अभिषेक दीक्षित के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती बबिता कुल्हारा नागदेव ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी रामजी भूमिया को पत्नी और पुत्री की हत्या का दोषी मानकर मृत्युदंड एवं 3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।