बिहार विधानसभा में बिफरे सीएम,गीनाई सरकार की उपलब्धियां

पटना (बिहार ) बिहार विधानसभा के मौनसून सत्र के आखिरी दिन भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुर्ननिरिक्षन (एस आई आर ) को लेकर विपक्ष की नाराज़गी लगातार जारी रही, वहीं पुरा विपक्ष काले कपड़े पहन कर सदन में आए थे, और राज्य सरकार हाय हाय के साथ नारे लगाते हुए नजर आए, इस दौरान महागठबंधन के तमाम दलों जैसे राजद, कांग्रेस, भाकपा माले, भाकपा, और माकपा, के माननीय सदस्यों ने मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया, यहां बता दें कि इन दिनों बिहार विधानसभा में मौनसून सत्र के संचालन हों रहीं थी और विपक्ष सोमवार से ही काला कपड़ा पहनकर रोज सदन में आ रहे थे, वहीं मौनसून सत्र का शुक्रवार को अंतिम दिन था इस दौरान भी विपक्ष के सदस्यगण काले वस्त्र पहनकर सदन में आए थे और सरकार विरोधी नारे लगाते रहें, दिनभर में कुल उन्नीस मीनट ही सदन चल पाई थी, इस दौरान नीतीश कुमार ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई, और कहा कि कुछ पता है आपको ,सरकार ने कितना काम किया है, सरकार के काम से हर तरफ लाभ हो रहा है, यहां बता दें कि विधानसभा का प्रश्नन काल मुख्यमंत्री के संक्षिप्त संबोधन के बीच बमुश्किल पांच मिनट के अंदर भोजनावकाश के लिए दो बजे तक स्थगित हो गया था, वहीं मुख्यमंत्री ने काले वस्त्र पहनकर सदन में आए सदस्यों को आसमान की ओर देखकर कहा कि देख लिजिए कैसा कपड़ा पहनकर आए हैं, एक ही तरह का कपड़ा सभी ने पहन लिया है, और वे जिस तरह के कपड़ा पहनें हैं,इसी तरह के इरादे भी बताता है, उन्होंने कहा कि इस तरह का कपड़ा कभी पहनते थे क्या, पहले ऐसा नहीं होता था,ऐकाद वार लोग हंगामा करते थे और फिर सदन शांतिपूर्ण तरीके से चलती थी, अब एलोग उल्टा पुल्टा कर रहे हैं, कोई काम नहीं है, जवकी मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच भी विपक्ष की नारेबाजी होती रही, इस दौरान कई बार विधानसभा अध्यक्ष ने क ई बार विपक्ष से आग्रह किया कि सदन को व्यवस्थित किया जाय, वहीं विपक्ष विधानसभा के गेट पर काले कपड़े पहने मतदाता पुनरीक्षण सूची के नाम पर मतदाताऔ के नाम काटने को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते रहे, और ईस प्रकार से सत्रहवीं बिहार विधानसभा का अंतिम सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसकी घोषणा विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने की, उन्होंने भावुक मन से कहा कि हमने पुरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है, अगर कोई भूल हो गई हों उसे अन्यथा न लेंगे, उन्होंने कहा कि विधानसभा के पटल पर हमने न केवल विधायको की चर्चा की बल्कि यहां विचारों का का भी आदान-प्रदान हुआ, मतभेदों के बीच संवाद हुआ, तीखी बहसें भी हुई, लेकिन लोकतंत्र हमेशा जीवंत रहा i
नवीन कुमार संवाददाता पटना बिहार