“बीमार वन श्रमिक की मौत के लिए FD जिम्मेदार — मुआवजा और नौकरी की मांग पर गरमाया मामला”

सीधी/संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बीमार वन श्रमिक की मौत के पीछे वन विभाग की लापरवाही और अमानवीय रवैया जिम्मेदार बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि श्रमिक की तबीयत लंबे समय से खराब थी, लेकिन उसे न तो समय पर इलाज की सुविधा दी गई और न ही दवाइयों के लिए छुट्टी। ऊपर से अधिकारियों का मानसिक दबाव लगातार बना रहा।
स्थानीय लोगों, मजदूर संगठनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वन मंडलाधिकारी (FD) के कार्यकाल में क्षेत्र में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है। रिजर्व क्षेत्र में लगे श्रमिक, चौकीदार और मजदूर लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं। ना तो जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पा रही है और ना ही किसानों और ग्रामीणों के मवेशियों को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिल रही है।
वन समिति के सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य ने इस मामले में FD पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह मौत वन विभाग की घोर लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र की वजह से हुई है। उन्होंने मांग की है कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, नहीं तो हाईकोर्ट में न्यायिक जांच की याचिका दायर की जाएगी।
साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे। उन्होंने मांग की है कि ऐसे अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।