मुख्यमंत्री के एक्शन का असर रीवा में शुरू – सड़कों पर छोड़े गए पशुओं पर जुर्माना और FIR के आदेश

रीवा। वर्षाकाल की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर आश्रय लेने वाले निराश्रित गौवंश और अन्य पालतू पशु अब प्रशासन की सख्ती के दायरे में आ गए हैं। मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के निर्देशों के पालन में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रीवा जिले में सड़कों से पशुओं को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई पशुपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर छोड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनती है, तो उस पर ₹1000 का जुर्माना और एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान की मुख्य बातें:
मुख्य सड़कों पर विशेष अभियान: चोरहटा से मनगवां, मनगवां से चाकघाट, रीवा से सेमरिया, गोविंदगढ़, सिरमौर और बदवार तक की सड़कों को पशु मुक्त किया जाएगा।
सामूहिक जिम्मेदारी: नेशनल हाईवे, पीएमजीएसवाई, एमपीआरडीसी, पशुपालन विभाग, नगर निगम, ग्राम पंचायतें मिलकर चलाएंगी कार्रवाई।
गौशालाओं में व्यवस्था: गौशालाओं में यदि जगह नहीं है तो पास की खाली भूमि में अस्थाई बाड़े बनाकर रखे जाएंगे गौवंश। चारा, पानी, और इलाज की होगी व्यवस्था।
सार्वजनिक सूचना: नगर निगम, सीएमओ और जनपद अधिकारी मुनादी कराकर आम जनता को करेंगे सतर्क – पशु न छोड़ें सड़कों पर।
अभियान समन्वय: उप संचालक पशुपालन को सौंपा गया अभियान का समन्वय।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान न केवल वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए है, बल्कि गौवंश की सुरक्षा और संरक्षा के लिए भी आवश्यक है। सरकार की यह पहल पशुपालकों को जिम्मेदारी का एहसास कराने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा की दिशा में भी एक अहम कदम है।