श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रांतीय उपाध्यक्ष बने डाॅ मुन्ना लाल देवदास
श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रांतीय उपाध्यक्ष बने डाॅ मुन्ना लाल देवदास 
श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ का प्रांतीय बैठक गंगा मैईया मंदिर झलमला बालोद में संपन्न हुआ। बैठक में प्रांतीय पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया। जिसमें तुलसी मानस प्रतिष्ठान के तीन राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक एवं साहित्यकारों को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई। जिनमें प्रथम प्रांतीय अध्यक्ष जगदीश देशमुख, द्वितीय प्रांतीय उपाध्यक्ष डाॅ मुन्ना लाल देवदास, तृतीय प्रदेश प्रवक्ता सीताराम साहू श्याम है। तीनों पदाधिकारियों को श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित होने वाले मानस मंजूषा पत्रिका के संपादन का दायित्व भी दिया गया है।
इसी कड़ी में प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष दीप्ति पांडे जगदलपुर, महासचिव राजेंद्र सिंह ठाकुर , कोषाध्यक्ष छगन यादव चारामा , हृदय राम सोरी कांकेर, रोहित जंघेल छुई खदान खैरागढ़,तामेश्वर साहू राजनांदगांव, संगीताचार्य श्याम चंद्रा सक्ति ,दयानंद वर्मा दुर्ग को प्रांतीय उपाध्यक्ष बनाया गया ।
तुलसी मानस प्रतिष्ठान के अन्य पदों पर जितेंद्र पटेल मोहला मानपुर को प्रदेश संयोजक,प्रदीप कुलदीप कांकेर को सचिव, रामकुमार साहू बालोद सहसंयोजक ,लोक राम साहू गरियाबंद सह सचिव , कांशीराम जैन कांकेर प्रदेश प्रवक्ता, चिंताराम सेन महासमुंद प्रदेश समन्वय,देव कुमार साहू कबीरधाम सह समन्वयक, प्रमोद जैन बालोद प्रदेश मीडिया प्रभारी तथा लोकेश साहू कांकेर को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया ।
प्रतिष्ठान के प्रादेशिक सलाहकार कुंज लाल साहू मोहला मानपुर, त्रेता चंद्राकार दुर्ग, नंदकुमार साहू महासमुंद, नारायण प्रसाद वर्मा रायपुर ,पुष्पा मिश्रा बालोद, लोकेश गायकवाड केशकाल है। प्रदेश के प्रथम संस्थापक अध्यक्ष मोहन मंडावी पूर्व सांसद को मुख्य संरक्षक मनोनीत किया गया है।ज्ञात हो कि श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान के बायलाज के अनुसार प्रदेश के महामहिम राज्यपाल,माननीय मुख्यमंत्री तथा समस्त संत एवं महंत मुख्य संरक्षक हैं। श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान का मुख्य उद्देश्य है श्री राम चरित मानस के माध्यम से जनमानस में जागरुकता लाना। तुलसी के संदेश को घर घर तक पहुँचाना। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रतिष्ठान के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व सांसद मोहन मंडावी द्वारा 51 हजार श्रीराम चरित मानस ग्रंथ का वितरण किया जा चुका है। इस ऐतिहासिक पहल के लिए वर्ल्ड रिकार्ड भी मिला है ।