निवेशकों का पैसा बड्स एक्ट 2019 के अंतर्गत वापस कराने हेतु ज्ञापन पत्र,

0 276


जनपद गाजियाबाद उ. प्र.
कल्पतरु बिल्डटेक कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड, ग्रुप ऑफ़ कंपनीज, सहारा ग्रुप PACLग्रुप,जनशक्ति कंपनी आदर्श क्रेडिट क.लि., विश्वामित्र कंपनी, समृद्ध जीवनक. लि. आईटीओ क. लि. MMM ग्लोब क. लि. स्पोर्ट वर्ल्ड 11क. लि. व अन्य इत्यादि कंपनियों में किए गए निवेश को लेकर निवेदक और एजेंट के बीच देश में गृह युद्ध/ झगडे को रुकवाने तथा
महोदय,निवेशकों का पैसा बड्स एक्ट 2019 के अंतर्गत वापस कराने हेतु ज्ञापन पत्र,
निवेदन यह है कि भारत में व भारत के समस्त राज्यों में तथा हर जिले शहरों मे उपरोक्त कंपनियों ने अपना अपना व्यापार खुले आम किया और देश की जनता से खुले आम निवेश के नाम पर व्यापार किया था कंपनियों ने केंद्र सरकार राज्य सरकारों से लाइसेंस प्राप्त कर अनुमति पत्र प्राप्त कर कंपनियों को चलाया था बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटियों को कंपनियों की ओपनिंग डे में बुलाकर जनता को विश्वास दिलाया था स्थानीय नेताओं मंत्रियों के फोटो लगाकर जनता का विश्वास जीता था कंपनियों की पॉलिसी का पब्लिक के बीच में प्रचार प्रसार किया था सरकार द्वारा दिए गए लाइसेंस और कंपनी का अनुमति पत्र दिखा दिखा कर जनता से निवेश कराया था बड़े-बड़े लोगों को बुलाकर मीटिंग ऑर्गेनाइज की गई थी पहले इन कंपनियों ने सभी को निवेश करने के लिए जनता को प्रेरित किया था होली भाली जनता का निवेश कराया था उन्ही में से समझा समझा कर नौकरी रोजगार के नाम पर एजेंट बनाए गए थे और कंपनियों की पॉलिसी समझ कर पब्लिक के बीच में भेजा था कंपनियों के लाइसेंस अनुमति पत्र बड़े-बड़े लोगों नेताओं के प्रोग्राम बताएं दिखाए जाते थे इन सभी को देखकर पब्लिक को विश्वास दिलाया था इन सभी बातों को सुनकर देखकर जनता ने बहन बेटियों की शादी घर मकान बनाने के लिए बच्चों के शिक्षा स्वास्थ्य वह अपने बुढ़ापे के लिए व भविष्य के लिए निवेश किया था
इन सभी समस्त कंपनियों ने देश की आम जनता की आंखों में धूल झोंक कर झूठे झूठे वादे करके देश की जनता जनता को अदादुंध तरीके से लूटा था और समय पूरा होने पर ये महा चांडाल महाठग पूरे के पूरी राशि को डकार कर बैठे
तब देश व राज्य की सरकारी कहां पर सोई हुई थी उसे समय पुलिस प्रशासन कहां पर था देश की सभी जांच एजेंसियां कहां पर सोई हुई थी देश का खुफिया तंत्र टैब कहां पर चला गया था सभी राज्यों की लोकल पुलिस कहां पर चली गई थी यह सब लूट और ठगी प्रशासन की नाक के नीचे हो रही थी
आज का आलम यह है कि अगर कोई निवेशक किसी एजेंट की शिकायत पुलिस से करता है तो इस मामले में पुलिस एजेंट पर तत्काल प्रभाव से FIR की कार्रवाई तुरंत कर देती है जबकि एजेंट का इसमें क्या दोष है एजेंट के पक्ष में हाई कोर्ट भी अपनी टिप्पणी कर चुका है कि एजेंट निर्दोष है कंपनी को लाइसेंस सरकार के द्वारा दिया गया है कंपनी को चलाने की अनुमति भी सरकार ने दी है और निवेशक का पैसा भी कंपनी के पास जमा है तो फिर एजेंट पर ही सारा दोस्त क्यों थोपा जा रहा है आप लोकल पुलिस कंपनी पर कार्रवाई नहीं करती है एजेंट पर तुरंत एक्शन कर देती है जो कि सरासर गलत है सर्वप्रथम कार्रवाई कंपनी के खिलाफ होनी चाहिए ताकि निवेशक और एजेंट दोनों मिलकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर सकें लोकल पुलिस से अनुरोध है कि एजेंट को बलि का बकरा ना बनाया जाए
अतः- श्रीमान मा.महोदय जी से अनुरोध है कि जनपद गाजियाबाद के समस्त थाना प्रभारी समस्त समस्त चौकी प्रभारियो को निर्देशित किया जाए कि उपरोक्त कंपनियों से संबंधित मामलों में पुलिस एजेंट को अनावश्यक टॉर्चर ना करें
कार्यवाही की जाए तो सर्वप्रथम संबंधित कंपनी पर ही की जाए ताकि निवेशक तथा एजेंटस दोनों को ही न्याय मिल सके और संबंधित कंपनियों में डूबा हुआ धन वापस मिल सके आए दिन एजेंट लोक लज्जा के कारण व पुलिस आदि के भय से आत्महत्या कर रहे हैं निवेशक एजेंट को सरेआम गोली मारकर मौत के घाट उतार रहे हैं हाल ही में यूपी के फतेहपुर में ऐसी घटना देखने को मिली है लोकल पुलिस से अनुरोध है कि इस प्रकार की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए एजेंट को बेवजह परेशान ना किया जाए इस पर प्रशासन गहन अध्ययन सकारात्मक रास्ता निकाले आपकी अति कृपा होगी

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment