शिक्षकों के योगदान को याद करने का दिन हैं शिक्षक दिवस–

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मनीष गिरि—-सेवरही/कुशीनगर। स्थानीय उपनगर सेवरही के वार्ड नम्बर एक ब्रह्मदेव गिरि स्वतंत्रता सेनानी नगर तमकुही रोड स्थित डैफोडिल्स एकेडमी के प्रबंधक मनीष गिरि ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि शिक्षक समाज के स्तंभ होते हैं, जो बच्चों को ज्ञानवान और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं। वे अपने अथक प्रयासों से छात्रों के जीवन को आकार देते हैं और उन्हें सफलता की ओर प्रेरित करते हैं। 5 सितंबर शिक्षक दिवस का दिन, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करने और शिक्षकों के योगदान को याद करने का दिन है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुतनी में हुआ था। एक प्रख्यात दार्शनिक, लेखक, शिक्षक और राजनेता, राधाकृष्णन ने भारत के बौद्धिक और शैक्षिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न, से सम्मानित किया गया था। जब डॉ. राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने, तो उनके कुछ पूर्व छात्रों ने उनके जन्मदिन को मनाने के लिए उनसे संपर्क किया। इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरे जन्मदिन को मनाने के बजाय, यह मेरा सौभाग्य होगा यदि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए।’ तब से, भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन छात्रों को अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। छात्र अपने शिक्षकों को कार्ड, फूल और उपहार देकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। शिक्षक दिवस सिर्फ़ शिक्षकों का सम्मान करने का दिन नहीं है, बल्कि यह उनके योगदान को याद करने और उन्हें धन्यवाद देने का भी दिन है। हमें अपने शिक्षकों के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए।

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