पैसो के लेन-देन के विवाद पर गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी चंदन उर्फ संतोष दिवाकर को आजीवन कारावास एंव हत्या में सहयोग करने वाले आरोपीगण को कारावास की सजा व जुर्माने से दण्डित किया गया

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माननीय न्यायालय श्रीमान राजेश नंदेश्‍वर, अपर सत्र न्यायाधीश जबलपुर द्वारा थाना सिविल लाइन के अप0 क्रं. 197/2015 व सत्र प्रकरण(एसटी) क्रमांक 09/2017 के प्रकरण में आरोपी चंदन उर्फ संतोष दिवाकर को धारा 302 भादस मे आजीवन कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड, धारा 201 भादस में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड, धारा 404 भादस में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड व धारा 27(2) आयुध अधिनियम मे 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड, आरोपीगण हिमांशु, बबल उर्फ सुजीत सिंह चौहान व मेंगो उर्फ योगेश शर्मा को धारा 201 भादस में 02-02 वर्श का सश्रम कारावास व 1000-1000 रू अर्थदण्ड, धारा 404 भादस में 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रू अर्थदण्ड, आरोपी चंदू उर्फ चंद्रकांत ओझा को धारा 201 भादस में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड एवं धारा 25(1)(1-ए) आयुध अधिनियम मे 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी को उसकी मां ने दिनांक 14.02.2015 को मोबाइल से फोन कर बताया कि फरियादी का भाई मृतक पीटर उर्फ प्रशांत तिवारी घर पर बताकर नहीं गया व दिनांक 14.02.2015 की रात्रि 12.30 बजे से घर नही आया है, जो घर से एक्टिवा से गया है। इस पर फरियादी ने उसके उक्त भाई की तलाश करने पर नही मिला। इस पर फरियादी ने उसके भाई के गुम होने की सूचना दिनांक 15.02.2015 को थाना सिविल लाईन में दर्ज कराई गई। उक्त गुम इंसान की तलाश जांच प्रारंभ की गयी। दिनांक 15.02.2015 को मृतक की एक्टिवा स्कूटर सहित प्रेमसागर मरघटाई टेकरी के पास लावारिस हालात में पाई गई। मर्ग कायम कर जांच में लिया गया, जांच के दौरान संदेही चंदन उर्फ संतोष दिवाकर का मेमोरेण्डम लिया गया जिसमें उसने बताया कि 13 व 14.02.2015 की मध्यरात्रि 12.00 बजे के लगभग बंगाली होटल से गुमशुदा पीटर के साथ बंगाली होटल के पीछे गये वहा रूपयो के लेन-देन की बात पर विवाद होने पर चंदन ने पीटर की कनपटी पर गोली मारकर उसकी हत्या कर अपने मित्र अभियुक्त बबल उर्फ सुजीत चौहान व हिमांशु यादव को बुलाकर मोटर सायकिल से मृतक का शव बदन से कपडे व समस्त समान हटाकर रेलवे कालोनी के सेप्टिक टैंक में फेकना बताया। उक्त मेमोरेण्डम के आधार पर अपराध क्रमांक 197/2015 अंतर्गत धारा 302, 201, 34 भादवि के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अनुसंधान किया गया, विवेचना के दौरान सह अभियुक्त चंदु उर्फ चंद्रकांत ओझा व मेंगो उर्फ योगेश शर्मा ने भी उक्त तीनो अभियुक्त द्वारा मृतक पीटर की हत्या में घटना दिन, समय व स्थान पर साथ देकर हत्या कर उसके शव व पिस्टल के खाली खोखो को सेप्टिक टैंक में फेककर साक्ष्य का विलोपन किया। उक्त प्रकरण में विवेचना निरीक्षक अरविंद कुमार जैन द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके के मार्गदर्शन में जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन व श्री कृष्‍णगोपाल तिवारी, विशेष लोक अभियोजक द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।

माननीय न्यायालय श्रीमान राजेश नंदेश्‍वर, अपर सत्र न्यायाधीश जबलपुर द्वारा थाना सिविल लाइन के अप0 क्रं. 197/2015 व सत्र प्रकरण(एसटी) क्रमांक 09/2017 के प्रकरण में आरोपी चंदन उर्फ संतोष दिवाकर को धारा 302 भादस मे आजीवन कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड, धारा 201 भादस में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड, धारा 404 भादस में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड व धारा 27(2) आयुध अधिनियम मे 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड, आरोपीगण हिमांशु, बबल उर्फ सुजीत सिंह चौहान व मेंगो उर्फ योगेश शर्मा को धारा 201 भादस में 02-02 वर्श का सश्रम कारावास व 1000-1000 रू अर्थदण्ड, धारा 404 भादस में 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रू अर्थदण्ड, आरोपी चंदू उर्फ चंद्रकांत ओझा को धारा 201 भादस में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड एवं धारा 25(1)(1-ए) आयुध अधिनियम मे 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/सहायक
जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला – जबलपुर म0प्र0

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