नाबालिक को बहला-फुसलाकर ले जाने व उसके साथ गलत काम करने वाले आरोपी का जमानत आवेदन खारिज

न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी शिवा उर्फ संतोष को थाना संजीवनीनगर के अपराध क्रं. 184/2023 अंतर्गत धारा 363, 366, 376 भादस 3 सहपठित धारा 4 पाॅक्सो एक्ट के आरोप में जमानत आवेदन पत्र निरस्त किया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि उत्तरजीवी की मां ने दिनांक 14.06.2023 को थाना संजीवनीनगर में उत्तरजीवी के गुम होने की रिपोर्ट लेख करायी गयी। दिनांक 15.06.2023 को दस्तयाब होने पर उत्तरजीवी ने अपने कथनों में बताया कि वह आरोपी को जानती है। आरोपी उसके घर के आसपास घुमता रहता था तब उसकी आरोपी से जान पहचान हो गयी थी और फोन पर बातचीत होती थी। उन लोगो की दोस्ती होने के बाद वे जबलपुर घूमने जाया करते थे और उत्तरजीवी शाम को अपने घर चली जाती थी। दिनांक 14.06.2023 को घर से 10.00 बजे काम पर जाने का बोलकर निकल गयी थी तब आरोपी शिवा उसे चूडी की दूकान के पास मिल गया था और आरोपी उसे लेकर देवताल गार्डन गया, फिर भवरताल गार्डन गया और फिर उसे गोहलपुर जहां उसके भैया-भाभी किराए से रहते थे वहां लेकर गया। उस दिन उसके भैया-भाभी घर पर नहीं थे, गांव स्लिमनाबाद गए थे तब दोनो घर पर ही रात में रूके तब आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती उसके मना करने के बाद भी शारीरिक संबंध बनाए थे। जिसके आधार पर आवेदक/अभियुक्त के विरूद्ध थाना संजीवनीनगर के अपराध क्रं. 184/2023 अंतर्गत धारा 363, 366, 376 भादस 3 सहपठित धारा 4 पाॅक्सो एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट लेखबद्ध किया गया। उक्त प्रकरण में आरोपी का जमानत आवेदन पत्र माननीय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के यहां प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती स्मृतिलता बरकडे द्वारा उक्त मामले में जमानत आवेदन पत्र का विरोध किया गया।
श्रीमती स्मृतिलता बरकडे अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जबलपुर के न्यायालय द्वारा थाना संजीवनीनगर के अपराध क्रं. 184/2023 अंतर्गत धारा 363, 366, 376 भादस 3 सहपठित धारा 4 पाॅक्सो एक्ट के आरोप में जमानत आवेदन पत्र निरस्त किया।