एक ही पुलिया पर ₹2 लाख और ₹5 लाख का दावा, सीएम हेल्पलाइन के निराकरण पर उठे सवाल

आवेदक ने एसडीएम से मांगी जांच, स्थल निरीक्षण कर स्थायी समाधान की मांग

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शहपुरा। नगर परिषद शहपुरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 में पुलिया एवं नाली की समस्या को लेकर दर्ज की गई दो सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में अलग-अलग राशि दर्शाए जाने का मामला सामने आया है। वार्ड निवासी रामदयाल यादव ने मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और मौके पर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

आवेदक के अनुसार, उसके घर के सामने स्थित पुलिया एवं नाली की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। नाली का गंदा पानी जमा होने तथा पुलिया के क्षतिग्रस्त अथवा अव्यवस्थित होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। जलभराव और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने तथा बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।

पहली शिकायत में ₹2 लाख, दूसरी में ₹5 लाख का उल्लेख

रामदयाल यादव के मुताबिक, समस्या को लेकर पूर्व में सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 38156254 दर्ज कराई गई थी। उनका आरोप है कि समस्या का वास्तविक निराकरण किए बिना शिकायत को फोर्स क्लोज कर दिया गया। शिकायत के निराकरण में नगर परिषद शहपुरा द्वारा संबंधित पुलिया का डीपीआर तैयार किए जाने और उसमें ₹2 लाख व्यय होना बताया गया था।

इसके बाद समस्या का समाधान नहीं होने पर आवेदक ने दोबारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 40346854 दर्ज कराई। आवेदक का कहना है कि इस शिकायत के निराकरण में उसी पुलिया के डीपीआर के संबंध में ₹5 लाख व्यय दर्शाया जा रहा है। एक ही पुलिया को लेकर दो शिकायतों के निराकरण में अलग-अलग राशि सामने आने पर आवेदक ने संबंधित डीपीआर, स्वीकृति एवं व्यय से जुड़े अभिलेखों की जांच की मांग की है।

सफाई के दावे पर भी उठाए सवाल

आवेदन में यह भी कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन के वर्तमान निराकरण में पुलिया एवं नाली की साफ-सफाई किए जाने की जानकारी दर्ज की गई है, जबकि आवेदक के अनुसार मौके की स्थिति इससे अलग है। आवेदन के साथ मौके की तस्वीरें भी संलग्न की गई हैं। आवेदक का दावा है कि पुलिया के आसपास अभी भी गंदा पानी और गंदगी मौजूद है तथा समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हुआ है।

स्थल निरीक्षण और अभिलेखों की जांच की मांग

आवेदक ने एसडीएम से मांग की है कि दोनों सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण की जांच कर ₹2 लाख और ₹5 लाख की अलग-अलग दर्शाई गई राशि का आधार स्पष्ट कराया जाए। इसके साथ ही संबंधित पुलिया के मूल डीपीआर, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, लागत अनुमान, स्वीकृत राशि और व्यय से संबंधित अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की गई है।

रामदयाल यादव ने वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मौके का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति दर्ज कराने, फोटो सहित पंचनामा तैयार कराने तथा पुलिया और नाली की तत्काल साफ-सफाई कराने की मांग की है। आवश्यकता होने पर स्थायी सुधार अथवा निर्माण कार्य कराने की बात भी आवेदन में कही गई है।

आवेदक ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में बिना वास्तविक कार्य किए सीएम हेल्पलाइन पर निराकरण दर्ज किए जाने अथवा तथ्यहीन जानकारी दिए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

आवेदक ने मामले को केवल व्यक्तिगत परेशानी न बताते हुए इसे स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षित आवागमन से जुड़ा जनहित का विषय बताया है। अब मामले में प्रशासनिक जांच और मौके के निरीक्षण के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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