राष्ट्रपति पुरस्कृत डॉ. मुन्नालाल देवदास राष्ट्रीय हिन्दी गौरव सम्मान–2026 से सम्मानित

शिक्षा, साहित्य और नवाचार के क्षेत्र में दीर्घकालीन योगदान को मिला राष्ट्रीय सम्मान

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हिन्दी दिवस 2026 पर विशेष रिपोर्ट ✍️

हिन्दी दिवस 2026 के अवसर पर नगर पंचायत कोपरा, जिला गरियाबंद के राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कृत सेवानिवृत्त प्रधान पाठक, कवि, गीतकार, लेखक, साहित्यकार एवं मानस संघ के संस्थापक समाजसेवी डॉ. मुन्नालाल देवदास को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं दीर्घकालीन नवाचार के लिए SSIF राष्ट्रीय हिन्दी गौरव सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके विशेष योगदान हेतु प्रदान किया गया है ।

 

-30 पुस्तकें और 7 शोधपरक आलेख प्रकाशित –

डॉ. देवदास लंबे समय से हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा हिन्दी साहित्य के संरक्षण, संवर्धन और रचनात्मक विकास के लिए सक्रिय हैं। उनका बहुआयामी व्यक्तित्व एवं कृतित्व नवोदित रचनाकारों, विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।

उनकी अब तक 30 पुस्तकें एवं 7 शोधपरक आलेख प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि 3 पुस्तकें वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़ी उपलब्धियों के रूप में दर्ज हैं। इनमें ‘कोपरा में प्रभात भजन परंपरा के 75 साल’, ‘श्यामनगर में राष्ट्रगान की अनूठी परंपरा’ तथा ‘ऐतिहासिक पैरीनदी परिक्रमा’ प्रमुख हैं। उनकी तीन अन्य पुस्तकें वर्तमान में प्रकाशनाधीन हैं।

 

– नवोदित रचनाकारों को मंच और सम्मान-

साहित्य की नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. देवदास ने चार बार निःशुल्क अखिल भारतीय काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया तथा नवोदित रचनाकारों को सम्मानित कर उन्हें साहित्य की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया। उनका मानना है कि साहित्य केवल सृजन नहीं, बल्कि नई प्रतिभाओं को अवसर देने और समाज में सकारात्मक चेतना जगाने का माध्यम भी है।

 

– गीतों के माध्यम से हिन्दी साहित्य को राष्ट्रीय पहचान:-

हिन्दी साहित्य की लोकप्रिय एवं प्रभावशाली विधा गीत और कविता को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से डॉ. देवदास ने अपनी रचनाओं को प्रतिष्ठित गायकों की आवाज में प्रस्तुत कराया। उनके गीतों को भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा, पद्मश्री अनुराधा पौडवाल, पद्मश्री सुरेश वाडेकर तथा अमेरिकी गायिका वंदना श्रीवास्तव सहित अन्य कलाकारों ने स्वर दिया। इन गीतों को टी-सीरीज, मुंबई द्वारा रिलीज किए जाने से उन्हें व्यापक पहचान मिली।

 

-आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रसारण-

डॉ. देवदास की रचनात्मक एवं शैक्षिक गतिविधियों को आकाशवाणी रायपुर से चार बाल कहानियों के रूप में प्रसारित किया गया। इसके अलावा उनके शैक्षिक नवाचार पर दूरदर्शन में परिचर्चा का प्रसारण भी हुआ है। शिक्षा को रचनात्मकता, नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना उनके कार्यों की प्रमुख विशेषता रही है।

 

-सम्मानों से सजा गौरवशाली सफर-

डॉ. देवदास की उपलब्धियों का सिलसिला शिक्षा, साहित्य, गीत और नवाचार—चारों क्षेत्रों में दिखाई देता है। शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2007 में राष्ट्रपति पुरस्कार, साहित्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ शासन का डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार–2020, गीत के क्षेत्र में 2022 का श्री दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म एण्ड टेलीविजन अवार्ड तथा नवाचार के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके बहुआयामी योगदान के उल्लेखनीय पड़ाव हैं।

 

– हिन्दी सेवा की दीर्घ साधना को राष्ट्रीय सम्मान –

डॉ. मुन्नालाल देवदास की साहित्यिक यात्रा केवल पुस्तकों के प्रकाशन तक सीमित नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, साहित्य सृजन, गीत लेखन, बाल साहित्य, नवोदित रचनाकारों का प्रोत्साहन, लोक-सांस्कृतिक परंपराओं का दस्तावेजीकरण और हिन्दी के प्रचार-प्रसार के माध्यम से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

 

हिन्दी दिवस 2026 पर राष्ट्रीय हिन्दी गौरव सम्मान से सम्मानित होना उनकी इसी दीर्घकालीन हिन्दी सेवा, साहित्यिक साधना और रचनात्मक नवाचार की उल्लेखनीय उपलब्धि है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी सृजन, साहित्य सेवा और समाज के प्रति समर्पण की यात्रा निरंतर जारी है।

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