मैहर जिला अस्पतालों में आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण उजागर

ठेकेदार पर वेतन कटौती और श्रम कानून उल्लंघन के गंभीर आरोप
मैहर जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ बड़े पैमाने पर श्रम शोषण का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि स्काई ब्लू कंपनी के ठेकेदार द्वारा श्रम नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और शासन द्वारा निर्धारित वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारियों को शासन के नियमानुसार 16 हजार रुपये मासिक वेतन मिलना चाहिए, लेकिन ठेकेदार द्वारा उन्हें मात्र 5200 रुपये ही दिए जा रहे हैं। शेष राशि ठेकेदार द्वारा कथित तौर पर हड़प ली जा रही है। इसके साथ ही कर्मचारियों को PF और ESIC जैसी अनिवार्य सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जब वे अपने अधिकारों की बात करते हैं या विरोध जताते हैं, तो उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। यह मामला सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन और गरीब व जरूरतमंद कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आखिर इतनी गंभीर गड़बड़ी से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कैसे अनजान रह सकता है। जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी पाण्डेय जी को इस विषय पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि उन्हें जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
मानवधिकार संरक्षण संगठन, जिला मैहर (मध्यप्रदेश) ने इस शोषण पर कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन के जिलाध्यक्ष आशुतोष दहायत ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह का श्रम शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।