दान की जमीन पर विवाद : कलेक्टर कार्यालय भवन निर्माण पर संशय

0 470

संवाददाता- निलेश कलसकर

जिला ब्युरो चिफ

जिला पांढुरना

 

पांढुरना में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां 89 लाख रुपये की जमीन को मात्र एक दान पत्र के जरिए तहसीलदार के नाम कर दिया गया। यह जमीन वीर शैव लिंगायत मठ उर्फ गणपती मठ संस्थान की है, जो कि जिला कलेक्टर कार्यालय के भवन निर्माण के लिए दी गई है।

 

आरोप है कि जिला प्रशासन ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए इस जमीन का उपयोग किया है। दान पत्र में कई अनियमितताएं पाई गई हैं, जैसे कि तहसीलदार के पद का उल्लेख नहीं होना, गवाहों के आधार और पते का उल्लेख नहीं होना, और दान पत्र में केवल मठ के महाराज का फोटो होना।

 

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार किसके दबाव में आकर जिला प्रशासन ने इस जमीन का दान पत्र रजिस्टर्ड करवाया? क्या जिला कलेक्टर को इस मामले की जानकारी नहीं थी? या फिर उन्होंने जानबूझकर इस मामले को दबाने की कोशिश की?

 

शहर के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस जमीन का उपयोग आम जनता के हित में किया जाना चाहिए, न कि किसी विशेष व्यक्ति या समूह के लाभ के लिए।

 

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए इस जमीन का उपयोग करेगा? या फिर इस मामले में जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?

 

शहर के लोगों की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिरकार सच क्या है? क्या जिला प्रशासन अपनी गलती को स्वीकार करेगा? या फिर इस मामले को दबाने की कोशिश की जाएगी?

 

आगे की जांच और कार्रवाई से ही पता चलेगा कि इस मामले में सच क्या है। लेकिन एक बात तय है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment