आउट सोर्सिंग से स्थाई नौकरी खतरे में भारतीय खदान मजदूर संघ एवं भारतीय खदान मजदूर संघ नागपुर करेगा आंदोलन

बीना / सोनभद्र – भारतीय खदान मजदूर संघ नागपुर और भारतीय मजदूर संघ बीना सोनभद्र कोल इंडिया को बचाने के लिए श्रमिक व जन आंदोलन करेंगे। एनसीएल जोन महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह आंदोलन 23 जुलाई से 17 सितंबर 2025 तक चलेगा।
मनोज कुमार सिंह बीएमएस एनसीएल जोन महामंत्री ने शनिवार क़ो बताया कि वर्तमान में कोल इंडिया में अस्थाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है और स्थाई कर्मचारियों की संख्या घट रही है। उत्पादन बढ़ने के बावजूद यह स्थिति चिंताजनक है। संघ का मानना है कि इस प्रवृत्ति से कोल इंडिया महज एक आउटसोर्सिंग एजेंसी बनकर रह जाएगी।
भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ एनसीएल की सभी परियोजनाओं के टाइम ऑफिस पर और गांवों में गेट मीटिंग कर जन जागरण अभियान चला रहा है। संघ का कहना है कि कोल इंडिया का अस्तित्व खत्म होने से दुकानदारों, स्थानीय ग्रामीणों, गांव-नगर के उद्योग-धंधों और आम जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संघ की प्रमुख मांगों में कोल इंडिया, सिंगरेनी और नेवेली कंपनियों को बचाना, सभी कंपनियों में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल स्थापित करना, सीएमपीएफ में शत प्रतिशत ऑनलाइन प्रणाली सुनिश्चित करना और पेंशनरों की समस्याओं का समाधान शामिल है। इसके अलावा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा संबंधित कड़े कदम उठाने, कंपनियों में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने और यूनियन सदस्यता सत्यापन में एकरूपता लाने की मांग भी की गई है। संघ ठेका श्रमिकों और आउटसोर्सिंग कर्मियों को एचपीसी वेतन, निशुल्क चिकित्सा, किराया मुक्त आवास और सीएमपीएफ खाता सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
इस आंदोलन में बुधेश्वर सिंह, वरुण सिंह, अजय पटेल, मयंक तिवारी, केवी राय, कृष्ण शिला, के डी तिवारी, शशिकांत बैसवार, अनुराग मिश्रा, उदित नारायण शुक्ला और अमित यादव सहित सैकड़ों पदाधिकारी और श्रमिक शामिल हैं। सभी नारेबाजी करते हुए हैंडबिल वितरित कर विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं।