समस्त नदियों व जलाशयों में मत्स्याखेट पूर्णतः रहेगा प्रतिबंधित

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उल्लंघन पर कारावास और जुर्माने से किया जाएगा दण्डित

कलेक्टर Saket Malviya ने अधिसूचना जारी कर जिले में 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक की अवधि में मत्स्याखेट पूर्णतः निषिद्ध किया है। म.प्र. शासन मछली पालन विभाग का ज्ञापन दिनांक 23.07.1987 के अनुसार छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें विनिर्दिष्ट जल की परिभाषा के अतंर्गत नहीं लिया गया है, को छोड़कर समस्त नदियों व जलाशयों में मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

उल्लेखनीय है कि वर्षा ऋतु में मत्स्य के वंश वृद्धि (प्रजनन) दृष्टिकोण से उन्हें संरक्षण देने के लिए जिले के सभी प्रकार के जल संसाधनों में म.प्र. नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा 3 (2) के अन्तर्गत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बन्द ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अवधि में सभी प्रकार का मत्स्याखेट पूर्णतः निषिद्ध रहता है। साथ ही मत्स्य विक्रय, मत्स्य विनियम एवं परिवहन करना भी प्रतिबंधित है एवं संज्ञेय दण्डनीय अपराध है।

इन नियमों के उलंघन पर म.प्र. राज्य मत्स्य क्षेत्र संशोधित अधिनियम 1981 की धारा 5 के तहत उलंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या 05 हजार रूपये या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। इस अधिसूचना के माध्यम से जन साधारण को सूचित किया गया है कि इस अवधि में किसी प्रकार का मत्स्याखेट, मत्स्य क्रय एवं विक्रय अथवा मत्स्य परिवहन न तो स्वयं करें और न ही इस कार्य में किसी अन्य का सहयोग दें।

प्राइड कदम हिंदी समाचार एवं प्राइड इंडिया न्यूज़ जिला क्राइम रिपोर्टर शाहिद खान

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