कमर्जी पुलिस की अनोखी पहल

0 144

गांव-गांव पहुंचेगी साइबर और महिला सुरक्षा की अलख, पीएचसी वरिगवा में जागरूकता कार्यशाला संपन्न

ऑनलाइन ठगी, महिला-बाल सुरक्षा और डिजिटल अपराधों से बचाव को लेकर पुलिस ने स्वास्थ्य कर्मियों को किया जागरूक

सीधी | 09 मई 2026

जिले में बढ़ते साइबर अपराधों और महिला-बाल सुरक्षा को लेकर सीधी पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में थाना कमर्जी पुलिस द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वरिगवा में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर समाज के जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को साइबर सुरक्षा एवं महिला-बाल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव एवं एसडीओपी चुरहट श्री रवि प्रकाश कौल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

कार्यशाला में आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, सीएससी लोकसेवक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थोड़ी सी सतर्कता साइबर अपराधों से बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

इसके साथ ही बालिकाओं की सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, जन्म पंजीयन एवं महिला सुरक्षा कानूनों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। शासन के “अभिमन्यु, सृजन एवं सम्मान” अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं और बच्चों के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया गया।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और सीएससी लोकसेवक गांव-गांव जाकर सीधे लोगों से संपर्क करते हैं, इसलिए इनके माध्यम से साइबर जागरूकता और महिला सुरक्षा का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।

इस दौरान उप निरीक्षक इंद्राज सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की प्रेरणा देते हुए पुलिस और समाज के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यशाला में महिला आरक्षक अंजली कुशवाहा, स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ, आशा कार्यकर्ता, सीएससी लोकसेवक सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने कहा कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाएं, बच्चे और आमजन साइबर अपराधों एवं सामाजिक खतरों से सुरक्षित रह सकें।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment