सिंगरौली विधायक का विकलांग पर गुस्सा! अस्पताल पार्किंग को लेकर मचाया बवाल, कुर्सी से खड़े न होने पर युवक को धक्का देकर कहा — “पहचाना नहीं? मैं विधायक हूं, भाग जा यहां से!”

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सिंगरौली जिले से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आई है। बीती रात सिंगरौली विधानसभा के विधायक रामनिवास शाह जिला ट्रामा सेंटर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ सिंगरौली कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री, एसडीएम और कोतवाली थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार भी मौजूद थे।

निरीक्षण के दौरान जब विधायक अस्पताल परिसर स्थित पार्किंग स्थल पहुंचे, तो वहां एक विकलांग युवक को कुर्सी पर बैठे देखा जो पार्किंग व्यवस्था की देखरेख कर रहा था। जानकारी के अनुसार, युवक एक पैर से विकलांग है और उसके पिता का निधन हो चुका है। विधायक के आने पर युवक खड़ा नहीं हो पाया, जिससे नाराज होकर विधायक ने मौके पर ही पार्किंग व्यवस्था को मौखिक रूप से बंद करने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल गरीबों के इलाज का केंद्र है, यहां पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सभी को चौंका दिया। गुस्साए विधायक ने विकलांग युवक से बदसलूकी करते हुए उसे धक्का दिया, पर्ची छीन ली और कहा – “मुझे नहीं पहचानते? मैं विधायक हूं, भाग जा यहां से, नहीं तो एफआईआर करवा दूंगा।”

पूरा घटनाक्रम कलेक्टर, एसपी, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और कई पत्रकारों की मौजूदगी में हुआ। जब पत्रकारों ने पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पार्किंग के ठेकेदार से बात की, तो उन्होंने बताया कि पार्किंग का संचालन पूरी तरह से वैधानिक टेंडर प्रक्रिया के तहत हो रहा है। चार आवेदकों में चयन के बाद ठेका दिया गया था और नियमानुसार शुल्क लिया जा रहा है। अस्पताल के एम्बुलेंस, शव वाहन, उसके साथ आए परिजन, अस्पताल स्टाफ और पत्रकारों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा।

विधायक द्वारा विकलांग युवक के साथ की गई इस प्रकार की अभद्रता और सार्वजनिक अपमान की घटना को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं – क्या एक जनप्रतिनिधि को इस तरह की भाषा और व्यवहार की अनुमति है? मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर नई बहस छेड़ दी है।

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